उत्तर प्रदेश के भदोही में एक हैरतंगेज मामला सामने आया है. यहां एक दबंग पितापुत्र ने गांव में महिलाओं के लिए बने सरकारी सामुदायिक शौचालय पर ही कब्जा कर लिया. चार साल बाद भी कब्जा हटाने में विफल रहे ग्राम प्रधान ने इस संबंध में पंचायती राज विभाग में शिकायत दी. इसके बाद जिला पंचायती राज अधिकारी संजय मिश्रा ने आरोपी पिता पुत्र के खिलाफ कोइरोना थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

मामला भदोही में कुड़ी खुर्द गांव का है. कोइरोना थाना पुलिस के मुताबिक आरोपी पितापुत्र ओंकार नाथ तिवारी और उनके बेटे त्रिभुवन नाथ तिवारी उर्फ नचकऊ तिवारी के खिलाफ मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने साल 2022 से टॉयलेट पर कब्जा कर ताला लगा दिया था. ग्राम प्रधान ने मना किया तो आरोपियों ने लाठी डंडे लेकर उसे दौड़ा लिया था.

सरकारी नोटिस के बाद भी नहीं छोड़ा कब्जा

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों को जिला प्रशासन ने कई बार नोटिस जारी कर टॉयलेट का ताला खोलने को कहा, बावजूद इसके आरोपियों ने ताला नहीं खोला. इसके बाद कुड़ी खुर्द गांव की प्रधान रिंकू मिश्रा की शिकायत के आधार पर मंगलवार की शाम आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. थाना प्रभारी मनीष द्विवेदी के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

महिलाओं के लिए बना है टॉयलेट

ग्राम प्रधान रिंकू मिश्रा के मुताबिक स्वच्छता अभियान के तहत गांव की महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय बनवाया गया था. कुछ दिन तो महिलाओं ने इसका इस्तेमाल भी किया, लेकिन उसके बाद आरोपियों ने कब्जा कर लिया. जिला पंचायती राज अधिकारी संजय मिश्रा के मुताबिक इस संबंध में ग्राम प्रधान की शिकायत पर उन्होंने खुद डीएम और एसपी से मिलकर कार्रवाई का आग्रह किया था.

लेखपाल तहसीलदार की रिपोर्ट में पुष्टि

डीएम के आदेश पर लेखपाल और तहसीलदार ने मौकामुआयना किया. इसमें शौचालय में ताला बंद पाया गया. इसके बाद आरोपियों को ताला खोलने के लिए नोटिस दी गई. इसके जवाब में आरोपियों ने शपथ पत्र देकर कहा कि कोई ताला नहीं लगा है. यही नहीं, पिछले दिनों ग्राम प्रधान मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें लाठी लेकर दौड़ा लिया था. इसके बाद गांव की महिलाओं ने शिकायत दी. इसके बाद विभाग ने आरोपियों के खिलाफ यह एक्शन लिया है.