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प्रयागराज के नवाबगंज स्थित बरईपुर रामनगर गांव में एक मकान के अंदर जमीन में दबे तीन ड्रम मिले. इनमें 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं. जैसे ही ये खबर लोगों को पता चली, पूरे गांव में हड़कंप मच गया.  सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची, जो नोटों की गिनतियां कर रही है और मामले की जांच कर रही है. आखिर कहां से आए ये पैसे?

कितने रुपये मिले?

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना दी गई कि रामनगर गांव में एक मकान में कई करोड़ रुपये छुपाए गए हैं. इसके बाद डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी समेत पुलिस टीम ने बुधवार शाम मकान पर छापा मारा. बताया जा रहा है कि कार्रवाई से पहले इलाके की बिजली कटवाई गई. इसके बाद 40 से अधिक पुलिसकर्मियों ने मकान को घेर लिया और तलाशी के दौरान जमीन की खुदाई कराई गई. इसी दौरान नोटों से भरे तीन ड्रम मिले, जो 500 रुपये के नोटों से भरी थीं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नकदी पांच करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है, जबकि गांव में रकम 60 करोड़ रुपये तक होने की चर्चा है. हालांकि, वास्तविक राशि की पुष्टि गिनती पूरी होने के बाद ही होगी.

किसका मकान है?

यह मकान राकेश यादव उर्फ महाकाल का बताया जा रहा है. पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और मकान को सील कर दिया है. नकदी की गिनती के लिए इनकम टैक्स विभाग की टीम मशीनों की मदद ले रही है.

कहां से आए पैसे?

स्थानीय लोगों के मुताबिक, राकेश पहले पुणे में काम करता था. साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान गांव लौट आया. उसके साथ उसके साथ दो जीजा और साढ़ू भी आए थे. इसी के बाद युवक ने जमीन और ट्रैक्टर खरीदने शुरू कर दिए थे. बताया जा रहा है कि पड़ोसी से विवाद के बाद इस मामले की जानकारी सामने आई. फिलहाल पुलिस बरामद रकम के स्रोत और उसे जमीन में छिपाकर रखने की वजह का पता लगा रही है. डीसीपी, गंगापार सोनम कुमार इसकी जांच कर रही हैं.