Akola ACB Action: जिलाधिकारी कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अकोला एन्टी करप्शन ब्यूरो एसीबी ने मुद्रांक सहायक निबंधक किरण चौधरी को 10 हजार रु. की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से जिलाधिकारी कार्यालय सहित सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता के अकोला एमआईडीसी क्षेत्र स्थित एक भूखंड पर बकाया स्टैम्प शुल्क निर्धारित करने और उसका भुगतान करने की प्रक्रिया चल रही थी। इस संबंध में शिकायतकर्ता को कई बार संबंधित कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।

आरोप है कि बकाया स्टैम्प शुल्क की राशि कम करने के बदले मुद्रांक जिला निबंधक किरण चौधरी ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान शिकायतकर्ता ने अकोला एसीबी से संपर्क किया तथा अपनी शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने बिछाया जालशिकायत की जांच और सत्यापन के बाद एसीबी ने जाल बिछाया।
स्टैम्प शुल्क कम करने के बदले मांगी रिश्वत
तय योजना के अनुसार जैसे ही किरण चौधरी ने शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, एसीबी टीम ने पंचों की मौजूदगी में उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि अकोला जिले में भ्रष्टाचार के मामलों के खिलाफ की यह इस माह की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
सहायक निबंधक रंगेहाथ पकड़ा गया
इससे सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने की दिशा में एसीबी की सक्रियता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। यह कार्रवाई एसीबी के उपअधीक्षक मिलिंद बहाकर के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक प्रवीण वेरुलकर, पुलिस निरीक्षक अतुल इंगोले तथा टीम के सदस्य संदीप ताले, दिगंबर जाधव, शेख अस्लम और अविनाश पाचपोर ने सफलतापूर्वक अंजाम दी।
अकोला एसीबी का जाल सफल
फिलहाल आरोपी किरण चौधरी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई के बाद परिसर में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। समाचार लिखे जाने तक एसीबी द्वारा कार्रवाई जारी थी।



