New Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आउटर दिल्ली इलाके से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. सिर्फ थोड़ी सी “एक्स्ट्रा छोले” मांगने को लेकर हुए मामूली विवाद हो गया. एक रेहड़ीपटरी वाले ने 35 वर्षीय ग्राहक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए. गंभीर रूप से घायल युवक को महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. पुलिस ने आरोपी स्टॉल मालिक को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.

जानकारी के मुताबिक, निहाल विहार का रहने वाला 35 वर्षीय संदीप एक निजी कंपनी में ड्राइवर के रूप में काम करता था. रविवार रात वो अपने दोस्तों के साथ ज्वालापुरी स्थित संडे मार्केट गया था. वहां ‘छोले भटूरे’ खाने के बाद संदीप ने अपने दो छोटे बच्चों के लिए घर ले जाने के लिए छोलेभटूरे पैक करवाए. पैकेट में छोले की मात्रा कम देख संदीप ने स्टॉल मालिक चिंटू गुप्ता से थोड़े और छोले डालने को कहा. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई और हिंसा में बदल गई.
शरीर पर दागे 7 चाकू, पिता के सामने तड़पता मिला बेटा
विवाद बढ़ने पर आरोपी दुकानदार ने आपा खो दिया और खौफनाक वारदात को अंजाम दिया. आरोपी चिंटू गुप्ता ने संदीप पर चाकू से एक के बाद एक 7 वार किए, जिसमें से तीन वार सीधे उसके पेट में किए गए. सूचना मिलने पर जब संदीप के पिता ब्रजेश सिंह मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने अपने बेटे को फूड स्टॉल के पास खून से लथपथ पाया. गंभीर अवस्था में परिजनों ने संदीप को पहले संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल और फिर पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती कराया, जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई.
परिजनों ने जताई कई लोगों के शामिल होने की आशंका
घटना के बाद पश्चिम विहार थाना पुलिस ने मामले में धाराएं बढ़ाते हुए कार्रवाई शुरू की है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, शुरुआत में दर्ज मुकदमे में संदीप की मौत के बाद अब हत्या की धाराएं जोड़ दी गई हैं. मुख्य आरोपी चिंटू गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अस्पताल के शवगृह के बाहर रोते हुए पिता ब्रजेश सिंह ने कहा “मेरे बेटे ने मुझे बताया था कि उसे 5 से 6 लोगों ने मिलकर मारा है. पुलिस ने सिर्फ एक आदमी को क्यों पकड़ा है? अब इस उम्र में मुझे अपने जवान बेटे की अर्थी उठानी पड़ रही है.”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक खून बहने के कारण पीड़ित बयान देने की स्थिति में नहीं था. मामले में निष्पक्ष जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.



