कई राज्यों में वोटिंग के बाद जारी हुए एग्जिट पोल्स ने पश्चिम बंगाल और असम दोनों में BJP को थोड़ी बढ़त दिखाई है, जिससे कल जब शेयर बाजार खुलेंगे तो ट्रेडिंग सेशन काफी हलचल भरा हो सकता है. असम में, दो बड़े एग्जिट पोल्स ने BJP के नेतृत्व वाले NDA के लिए आसान जीत का अनुमान लगाया है. Axis My India ने BJP के लिए 88100 सीटों का अनुमान लगाया, जबकि JVC ने 126 सदस्यों वाली विधानसभा में 88101 सीटों की इसी तरह की रेंज दी. कांग्रेस और उसके सहयोगी कम सीटों के अनुमानों के साथ पीछे दिखाई दिए. राज्य में 85 फीसदी से ज्यादा वोटिंग भी दर्ज की गई, जो लोगों की जोरदार भागीदारी दिखाती है.

पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल्स ज्यादा अलगअलग थे, लेकिन ज्यादातर BJP को बढ़त की ओर इशारा कर रहे थे. Praja Poll, Poll Diary, Matrize और Chanakya Strategies जैसे पोलस्टर्स ने पार्टी के बहुमत के आंकड़े को पार करने का अनुमान लगाया, जिसमें 142 से लेकर 200 से ज्यादा सीटों तक के अनुमान शामिल थे. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर एग्जिट पोल के नतीजों के बाद किस तरह के नतीजे देखने को मिल सकते हें.
कैसा रह सकता है बाजार?
राजनीतिक महत्व के बावजूद, बाजार के शुरुआती संकेत सतर्कता भरे हैं. GIFT Nifty 100 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था, जो गुरुवार को घरेलू इक्विटीज के लिए सुस्त से नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है. जानकारों का कहना है कि हालांकि एग्जिट पोल्स अक्सर कम समय के लिए उतारचढ़ाव लाते हैं, लेकिन उनका बड़ा असर सीमित ही रहता है. Garud Investment Managers के AVP विष्णु त्रिपाठी ने ईटी रिपोर्ट में कहा कि कि इस तरह के घटनाक्रम निवेशकों को स्टेट लेवल पर अपेक्षित नीतिगत दिशा के आधार पर अपनी स्थितियों का फिर से आकलन करने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य चुनावों के नतीजे रीजनल पॉलिसी के एग्जीक्यूशन, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और औद्योगिक विकास की प्राथमिकताओं पर असर डालते हैं. बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टरों पर स्थानीय असर दिख सकता है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन सी पार्टी सरकार बनाती है.
शेयर बाजार में आई तेजी
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बाज़ार की बड़ी दिशा राज्यस्तरीय राजनीतिक बदलावों के बजाय कमाई में बढ़ोतरी, महंगाई और ब्याज दरों जैसे बड़े आर्थिक फैक्टर्स से तय होती है. बाजारों के लिए माहौल मिलाजुला बना हुआ है. बुधवार को, बेंचमार्क इंडेक्स में ज़ोरदार वापसी हुई. Sensex 600 से ज्यादा अंक चढ़ा और Nifty 24,100 के ऊपर बंद हुआ. इसे वैल्यू बाइंग और कंपनियों की कमाई को लेकर आशावाद से सहारा मिला. FMCG, ऑटो और टेलीकॉम शेयरों ने बढ़त की अगुवाई की, जबकि बैंक और पावर शेयरों में सुस्ती रही. जानकारों ने इस तेजी की मुख्य वजह बड़े आर्थिक या राजनीतिक कारणों के बजाय कंपनियों की कमाई में मज़बूती को बताया. Livelong Wealth के हरिप्रसाद के ईटी की रिपोर्ट में कहा कि इसका मुख्य कारण कमाई थी. मजबूत नतीजों ने घरेलू मांग और बैलेंस शीट की मज़बूती में भरोसा बढ़ाया.
कच्चा तेल और गिरता रुपए बड़े फैक्टर
हालांकि, ग्लोबल संकेत अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं. कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब ऊंचे स्तर पर हैं, विदेशी संस्थागत निवेशकों का पैसा लगातार बाहर जा रहा है और रुपया भी कमजोर है. ये सभी फैक्टर अभी भी बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव डाल रहे हैं, जिससे किसी भी लगातार तेजी की गुंजाइश सीमित हो रही है. तकनीकी नजरिए से देखें तो बाजार अभी एक अहम मोड़ पर खड़ा है. LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने मीडिया रिपोर्ट में कि कि निफ्टी ने अहम सपोर्ट लेवल को तो थामे रखा है, लेकिन इसमें अभी दिशा को लेकर कोई स्पष्टता नहीं दिख रही है. इस स्थिति को देखते हुए, एग्जिट पोल पर बाजार की प्रतिक्रिया व्यापक होने के बजाय चुनिंदा होने की संभावना है. इंफ्रास्ट्रक्चर, सरकारी खर्च या क्षेत्रीय प्रभाव से जुड़े शेयरों में कुछ हलचल देखने को मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर इंडेक्स की चाल वैश्विक संकेतों और कंपनियों की कमाई की रफ्तार से ही तय होने की उम्मीद है.



