उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक सीट के चुनाव परिणाम में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने बढ़त बनाई हुई है. यहां भारतीय जनता पार्टी और सपा के बीच जबरदस्त सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है. पूरी रात दोनों पार्टियों के नेता मतगणना केंद्र पर बैठे रहे हैं. यहां तक की बीजेपी के नेताओं ने घंटों धरना प्रदर्शन दिया है. वहीं, 48 घंटे से वोटों की गिनती जारी है, लेकिन अभी तक यह फैसला नहीं हो सका है कि जीत का ताज किसके सिर सजने वाला है? आइए जानते हैं कि वो कौन सी वजह है जिसके चलते अबतक नतीजे घोषित नहीं हुए हैं.

बीते दिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाए कि वाराणसी में वोटिंग रोकने की कोशिश के साथसाथ धीमी की गई. इसके पीछे का षड्यंत्र सब समझ रहा है, लेकिन भाजपाई इसमें कामयाब नहीं होंगे. वाराणसी में बीजेपी की हार नेशनल न्यूज न बन जाए इसीलिए हर कुचक्र रचा जा रहा है. सपा के प्रत्याशी की जीत का रिजल्ट तैयार है पर जीत का सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है. चुनाव आयोग के पास अंतिम मौका है कि वो अपनी निष्पक्षता साबित करे नहीं तो उसके अधिकारी इस्तीफा दें क्योंकि वो मतगणना करवाने में असफल रहा है.

बीजेपी ने क्या लगाए आरोप?

इस बीच, वाराणसी खंड स्नातक सीट से बीजेपी के प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने ऑब्जर्वर पर काउंटिंग में हेराफेरी के आरोप लगाए. इन आरोपों को लेकर केदारनाथ सिंह सहित तमाम बीजेपी के मंत्री, विधायक और कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए. ये धरना करीब 5 घंटे चला. यहां दिलचस्प वाक्या सामने आया. बीजेपी के नेता जिस प्रांजल यादव के खिलाफ धरने पर बैठे थे वो शिक्षक खंड के लिए ऑब्जर्वर बनाए गए थे. स्नातक खंड की मतगणना के लिए जीसी प्रियदर्शी ऑब्जर्वर है. जैसे ही ये बात सामने आई वैसे ही बीजेपी नेता एकदूसरे की बगलें झांकने लगे.

बीजेपी ने आरोप लगाया कि जिस समय पांचवें राउंड की वोटिंग हुई उस दौरान केवल सपा का एजेंट मौजूद था. इस वजह से दोबारा काउंटिंग करवाई जाए. बीजेपी की मांग पर दोबारा काउंटिंग का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद धरन खत्म किया गया. बीजेपी के धरने को लेकर अखिलेश यादव ने तंज कसा कि सुना है वाराणसी में लोग रीकाउंटिंग की खबर सुनकर गंगाजल लेकर मतगणना केंद्र पहुंच रहे हैं, जिससे अधिकारियों से गंगाजल हाथ में उठवाकर उनकी सत्यनिष्ठा की जलपरीक्षा की जा सके.

मतगणना केंद्र पर डटे रहें, अखिलेश की कार्यकर्ताओं से अपील

इसके बाद सपा प्रमुख ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतगणना केंद्र पर ही रहें. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘जो न डरे आज के जुल्मों के हालात से… सब डटे रहें और जीत का प्रमाणपत्र लेकर ही उठें. हम वाराणसी शहर के अपने कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि वो मतगणना केंद्र पर भोजन, पानी, छतरी और तौलिये आदि की व्यवस्था करके अपने साथियों की मदद करें और हौसलों के गीत गाकर जागते रहें सवेरा अपना होगा. सड़क पर लिखी वो चेतावनी याद रखें: नज़र हटी, दुर्घटना घटी!’

वाराणसी खंड स्नातक सीट पर अब तक क्यों घोषित नहीं हुए नतीजे?

बनारस स्नातक एमएलसी सीट पर प्रथम वरीयता के मतों के नौवें और अंतिम चक्र की मतगणना पूरी हो गई है. सपा के आशुतोष सिन्हा को 50,462 वोट मिले हैं, जबकि बीजेपी के केदार सिंह को 33,472 वोट मिले। इस तरह आशुतोष सिन्हा 16,990 वोटों से आगे हैं. हालांकि, कुल पड़े 1,18,000 मतों के आधार पर जीत के लिए जरूरी 59,001 मतों का आंकड़ा आशुतोष सिन्हा प्रथम वरीयता में हासिल नहीं कर सके इसलिए प्रथम वरीयता के मतों से जीतहार का फैसला नहीं हो पाया है. अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जाएगी. इसके बाद ही चुनाव का अंतिम परिणाम स्पष्ट होगा, लेकिन आशुतोष सिन्हा का जीतना तय माना जा रहा है.