हिमाचली खबर: भारतीय घरों में ज्यादातर लोगों की सुबह की शुरुआत चाय के साथ होती है। सुबह सुबह कड़क चाय मिल जाए तो इससे अच्छी बात कुछ और नहीं हो सकती। लेकिन कई बार लोग चाय को कड़क बनाने के चक्कर में इतना उबाल देते हैं कि वो कड़वी लगती है। दरअसल खी लोगों का ऐसा मानना है कि चाय को जीतनी देर उबाला जाए चाय उतनी अच्छी पकती है। लेकिन हककीत इससे काफी अलग है। चाय को सही समय तक उबालना चाहिए, उससे ज्यादा देर तक उबालने से ये कड़वी हो जाती है और सेहत को भी नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि चाय को कितनी देर तक उबालना चाहिए। चलिए जानते हैं परफेक्ट चाय बनाने का तरीका।

कितनी देर उबालनी चाहिए चाय?
चाय उबालने का सही समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह की चाय बना रहे हैं। ज्यादा उबालने से चाय कड़वी हो सकती है, जबकि कम उबालने से स्वाद फीका रह जाता है। ऐसे में यहां जान लीजिए इसे कितनी देर तक उबालना चाहिए।
पानी और मसाला
पानी में अदरक, इलायची और चाय पत्ती डालकर 2 से 3 मिनट तक उबालें ताकि रंग और फ्लेवर निकल आए।
दूध डालने के बाद
दूध डालने के बाद चाय को 2 से 4 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें । कुल मिलाकर 5 से 7 मिनट तक इसे उबालें। इससे चाय का स्वाद परफेक्ट रहेगा और इसके तत्व भी संतुलित रहते हैं।
ज्यादा उबली चाय के नुकसान
- पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
- पेट में जलन और भारीपन
- एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा कम होती है
- घबराहट और अनिद्रा
- आयरन की कमी
- दांतों का पीलापन



