राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने बुधवार को बड़ा बयान दिया है. उनके इस बयान को इशारोंइशारों में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के लिए एक संदेश माना जा रहा है. हालांकि कृष्ण गोपाल ने अपने बयान के दौरान एक बार भी चंपत का नाम नहीं लिया है. फिर भी उनके इस बयान को चंपत से जोड़कर देखा जा रहा है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा, राम किसी काम का श्रेय स्वयं नहीं लेते थे, अपने साथियों को दे देते थे. यही रामत्व है. उन्होंने रामायण का जिक्र करते हुए कहा कि राम युद्ध जीत गए, रावण तो पराजित हो गया लेकिन युद्ध का श्रेय, जो यश है. वो राम ने अपने माथे पर नहीं लिया. उन्होंने युद्ध में शामिल सभी साथियों का एक एक करके परिचय कराया. राम ने युद्ध की जीत का श्रेय खुद नहीं लिया, उन्होंने इसमें सभी को शामिल किया.
जिसका मैं समाप्त हो गया वो रामत्व
RSS के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा, विभीषण को भी वो श्रेय देते हैं त्वस प्रभावान मया जितम. जो सफलता का श्रेय और यश अपने पास रख लेता है वो महान नहीं होता, वो छोटा होता है. जो छोटे को भी महानता देता है वो महान होता है. जिसका मैं समाप्त हो गया वो रामत्व है, वो राम है.
राम किसी काम का श्रेय स्वयं नहीं लेते थे, अपने साथियों को दे देते थे। यही रामत्व है।
– डॉ कृष्ण गोपाल जी pic.twitter.com/R90o0kF6Tk
— इंद्रप्रस्थ विश्व संवाद केंद्र July 8, 2026
उन्होंने आगे कहा, क्या हमारे जीवन में ऐसे प्रसंग नहीं आते? हम किसी कार्य को करते हैं, उसमें सफलता मिलती है तो हमें ऐसा लगता है कि हमारे कारण से सफलता मिली है.
यश और श्रेय जो साथियों को देते हैं वो राम हैं
ठीक है आपने अधिक परिश्रम किया, लेकिन आपके साथ और भी 2550 लोगों ने मेहनत की. सबने मन लगा कर के काम किया, सफलता प्राप्त हुई. असल में वो सफलता का यश स्वयं अपने गले में डाला नहीं जाता है. राम ऐसा नहीं करते. सफलता का यश और श्रेय अपने साथियों को दे देने का काम राम करते हैं, यह रामत्व है.



