हिमाचली खबर: समाजवादी पार्टी के एक सांसद की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित रूप से विवादित टिप्पणी से उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है. इस बयान के सामने आने के बाद बीजेपी और सपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया.

सीएम योगी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सपा सांसद के बयान की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे ज्यादा लोकप्रिय जननेता और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति इस प्रकार की असंसदीय भाषा का प्रयोग न केवल अशोभनीय है, बल्कि पूरी तरह अक्षम्य भी है. सीएम ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भारतीय लोकतंत्र की गरिमा और संसदीय परंपराओं को ठेस पहुंचाती हैं.
राजनीतिक कुसंस्कार और वैचारिक दिवालियापन
सीएम योगी ने कहा कि यह कृत्य राजनीतिक कुसंस्कार, वैचारिक दिवालियापन और सार्वजनिक जीवन की शालीनता के प्रति अनादर को प्रकट करता है. यह 145 करोड़ देशवासियों के जनादेश, विश्वास और भारत की लोकतांत्रिक गरिमा का भी अपमान है. देश की जनता ऐसे अमर्यादित आचरण का उत्तर समय आने पर अवश्य देगी.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सियासी विरोध के नाम पर मर्यादा की सीमाएं लांघना उचित नहीं माना जा सकता. सीएम योगी ने विपक्षी दलों को भी संयमित भाषा और जिम्मेदार आचरण अपनाने की सलाह दी.
देशवासियों के जनादेश का अपमान
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी देश की 145 करोड़ जनता के विश्वास और जनादेश का प्रतिनिधित्व करते हैं. ऐसे में उनके खिलाफ अमर्यादित बयानबाजी करना केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है. इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में माहौल और अधिक गर्म हो गया है. बीजेपी नेताओं ने सपा सांसद से माफी मांगने की मांग की है, जबकि विपक्षी दल इस मामले को लेकर अलगअलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.



