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Etah Encounter: उत्तर प्रदेश के एटा में एक लाख रुपये के इनामी वीरेंद्र सिंह के एनकाउंटर को लेकर परिवार ने सवाल उठाए हैं. वीरेंद्र की बेटी नीलम का आरोप है कि पुलिस 25 अक्टूबर को उनके पिता को हिरासत में लेकर गई थी. इसके बाद उनकी मौत की खबर मिली. वहीं, पुलिस का कहना है कि 27 अक्टूबर को मुठभेड़ के दौरान वीरेंद्र मारा गया था.

नीलम ने अपने पिता की मौत को लेकर सवाल उठाए हैं. उसका कहना है कि उसके पिता को जान से मारने के बजाय पैर में गोली मारी जा सकती थी. नीलम ने आरोप लगाया कि पुलिस 25 अक्टूबर को उनके पिता को चादर ओढ़ाकर अपने साथ ले गई थी. इसके बाद परिवार को उनकी मौत की जानकारी मिली.

परिवार ने हिरासत में गोली मारने का आरोप लगाया

वीरेंद्र सिंह की मौत के बाद परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हिरासत में गोली मारने का आरोप लगाया है. दूसरी ओर, पुलिस ने मामले की जांच किए जाने की बात कही है.

पुलिस के मुताबिक, वीरेंद्र सिंह पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. उसके खिलाफ 53 मुकदमे दर्ज थे और वह एक ज्वेलर से लूट के मामले में वांछित था. पुलिस का दावा है कि 27 अक्टूबर को मुठभेड़ के दौरान वीरेंद्र मारा गया.

अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था वीरेंद्र का एक साथी

पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान शातिर बदमाश का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा, वहीं इस कार्रवाई में एक पुलिसकर्मी के भी घायल हो गया.

एसएसपी डॉ. इलामारन जी के अनुसार वीरेंद्र  एक बेहद शातिर अपराधी था और पुलिस अब उसके फरार चल रहे साथी की सरगर्मी से तलाश कर रही है. अलीगंज के मेवाती मोहल्ले में 22 अक्टूबर को ‘मां सरस्वती ज्वेलर्स’ के नाम से दुकान चलाने वाले सर्राफा कारोबारी संजय यादव के साथ इस दुस्साहसिक लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था. बदमाशों ने दुकान संचालक से करीब 10 किलो चांदी, 250 ग्राम सोना और एक लाख रुपये कैश लूट लिया था.