हिमाचली खबर: Lucknow News: डॉक्टर को समाज में भगवान का रूप माना जाता है, क्योंकि जीवन और मृत्यु के बीच जूझते मरीज के लिए डॉक्टर ही आखिरी उम्मीद होता है. लेकिन जब वही डॉक्टर संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दे तो उसे क्या कहा जाए? लखनऊ के इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लापरवाही की एक ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल कांप जाए.

लखनऊ में सिजेरियन डिलीवरी के बाद टांके लगाना भूली लेडी डॉक्टर, तड़पती रही महिला, फिर…​
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मामला इटौंजा के बगहा का पुरवा का है. DGP कार्यालय में फॉलोवर के पद पर तैनात सुरेंद्र कुमार पाल ने अपनी गर्भवती पत्नी शिवानी पाल को प्रसव के लिए इटौंजा CHC में भर्ती कराया था. यहां तैनात डॉ. मधुश्री ने शिवानी का सिजेरियन ऑपरेशन किया. डॉक्टर ने परिवार को सुरक्षित इलाज का भरोसा दिया था, लेकिन ऑपरेशन के बाद जो हुआ वह चिकित्सा जगत के लिए कलंक जैसा है.

आरोप है कि डॉ. मधुश्री ने शिवानी का ऑपरेशन तो किया, लेकिन पेट में टांके लगाना ही भूल गईं. महिला को बिना टांके लगाए, खुले पेट के साथ ही छोड़ दिया गया.

हालत बिगड़ने पर किया डिस्चार्ज, मांगे 12 हजार रुपये

डॉक्टर की इस घोर लापरवाही के कारण शिवानी की हालत बिगड़ने लगी और वह जिंदगी और मौत के बीच झूलने लगी. इसके बावजूद, डॉ. मधुश्री ने 11 अप्रैल को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया. जब घर पर शिवानी की तबीयत ज्यादा खराब हुई, तो पति उसे दोबारा CHC लेकर पहुंचा. आरोप है कि गंभीर स्थिति देखने के बाद भी डॉ. मधुश्री ने इलाज नहीं किया और 13 अप्रैल को उसे वीरांगना अवंती बाई महिला चिकित्सालय रेफर कर दिया.

पीड़ित पति सुरेंद्र पाल का आरोप है कि इलाज के नाम पर अस्पताल स्टाफ ने उनसे ₹12,000 की अवैध वसूली भी की. जब उन्होंने पत्नी के इलाज से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो स्टाफ ने देने से साफ इनकार कर दिया.

जांच में जुटा प्रशासन

वर्तमान में शिवानी पाल का इलाज वीरांगना झलकारी बाई महिला चिकित्सालय में चल रहा है, जहां अब उनकी स्थिति में सुधार है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने सीएम पोर्टल, स्वास्थ्य विभाग और इटौंजा थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

इटौंजा थाना प्रभारी सोभरन सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है. वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपी डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है.