ये कहानी है एक ऐसे ठग की, जिसने छात्रों को बीएड और दूसरी डिग्री दिलाने के नाम पर ठगी की. वह 18 साल तक पुलिस की गिरफ्त से दूर रहा. इस दौरान उसने 17 राज्यों में फरारी काटी. अलगअलग जगहों पर रहकर कोचिंग संस्थानों में पढ़ाया और अपना खर्च चलाता रहा. अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. उसका नाम कल्याण सिंह है.

वर्ष 2016 में कल्याण सिंह ने देहरादून में मकान खरीद लिया. आखिरकार जयपुर रेंज पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए ऐसी योजना बनाई, जिसमें वह बच नहीं सका. पुलिसकर्मी एयरटेल फाइबर तकनीशियन बनकर उसके घर पहुंचे और उसे गिरफ्तार कर लिया.
कौन है कल्याण सिंह, जिसके पीछे 18 साल से थी पुलिस?
कल्याण सिंह राजस्थान के जालोर जिले में भीनमाल थाना क्षेत्र के बोरटा गांव का रहने वाला है. जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश के मुताबिक, वह सीकर के कोतवाली थाने में दर्ज 23 मामलों में वांछित था. उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका था. उसकी गिरफ्तारी पर 35 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था.
आरोप है कि कल्याण सिंह विद्यार्थियों को बीएड और दूसरी शैक्षणिक डिग्रियां दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे लेता था. इन मामलों में पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए वह फरार हो गया था.
फरारी के दौरान क्या करता था आरोपी?
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि कल्याण सिंह ने फरारी के दौरान कई शहरों में ठिकाने बदले. वह अलीगढ़, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद, दिल्ली और दक्षिण भारत के अलगअलग इलाकों में रहा. इस दौरान उसने निजी कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ाया.
यानी, पुलिस से बचते हुए उसने पढ़ाने को अपनी कमाई का जरिया बनाए रखा. करीब 18 साल तक वह अलगअलग जगहों पर रहा और सामान्य जिंदगी जीता रहा. पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उसने कुल 17 राज्यों में फरारी काटी.
देहरादून में बनाया स्थायी ठिकाना
कल्याण सिंह ने वर्ष 2016 में देहरादून में मकान खरीदा और वहीं रहने लगा. लंबे समय से ठिकाने बदलने वाला आरोपी अब इसी मकान में रह रहा था. जयपुर रेंज की साइबर सेल और सीकर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम उसकी तलाश में जुटी थी.
तकनीकी जानकारी के विश्लेषण के बाद पुलिस को उसके देहरादून के प्रेमनगर इलाके में रहने का पता चला. टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई और राघव विहार स्थित सी107 मकान तक पहुंच गई. घर के बाहर लगी नाम पट्टिका पर डीन लिखा था, जिसने पुलिस का ध्यान खींचा.
एयरटेल फाइबर तकनीशियन बनकर घर क्यों पहुंची पुलिस?
आरोपी के घर तक पहुंचने के बाद पुलिस को यह पुष्टि करनी थी कि वह अंदर मौजूद है या नहीं. आसपास के मकानों में एयरटेल फाइबर के कनेक्शन देखकर टीम ने तकनीशियन बनकर घर पहुंचने की योजना बनाई.
10 अक्टूबर को पुलिसकर्मी एयरटेल फाइबर तकनीशियन के भेष में मकान पर पहुंचे. घर के अंदर कल्याण सिंह की मौजूदगी की पुष्टि होते ही टीम ने दबिश दी और उसे पकड़ लिया. इसके बाद आरोपी को सीकर लाया गया. कल्याण सिंह के खिलाफ सीकर कोतवाली में दर्ज 23 मामलों की जांच आगे बढ़ाई जा रही है. पुलिस इन मामलों से जुड़े तथ्यों और कथित ठगी की पूरी जानकारी जुटाएगी. 35 हजार रुपये के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी को लंबे समय से चल रही तलाश में बड़ी सफलता माना जा रहा है.



