Bihar Education News: शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और आधुनिक तौरतरीकों को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने एक बेहद ही अनूठी और सराहनीय पहल की शुरुआत की है. इसके तहत राज्य के चुनिंदा और बेहतरीन शिक्षकों को अध्ययन के लिए विदेश भेजा जाएगा, ताकि वे वहां की शिक्षण प्रणालियों का बारीकी से अध्ययन कर सकें.

शिक्षा विभाग की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य विदेशों में पढ़ाई के आधुनिक मॉडलों, तौरतरीकों और तकनीकों को समझकर उन्हें बिहार की शिक्षा व्यवस्था में लागू करना है. इस योजना के धरातल पर उतरने से राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी वैश्विक स्तर की शिक्षा का लाभ मिल सकेगा.
शिक्षा विभाग करेगा शिक्षकों का चयन
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने चयन के विशेष मानक तय करने का निर्णय लिया है. आगामी छठ महापर्व के तुरंत बाद इन मानकों के प्रारूप पर काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा. इसी दौरान यह भी स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा कि चयनित शिक्षकों को अध्ययन के लिए किनकिन देशों में भेजा जाएगा.
विभाग की यह योजना है कि दुनिया की बेहतरीन शिक्षा प्रणालियों वाले देशों की पहचान की जाए, जहां के स्कूल के पाठ्यक्रम, बच्चों के लिए तय सिलेबस और पठनपाठन की आधुनिक शैली का शिक्षक गहराई से अध्ययन कर सकें. शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और कार्यकुशलता पर आधारित होगी, जिसके लिए अंकों का एक स्पष्ट पैमाना तैयार किया जाएगा.
शिक्षकों के आवेदन प्राप्त किए जाएंगे
आवेदन करने वाले शिक्षकों को उनकी शैक्षणिक योग्यता, विद्यालय में उनकी सक्रियता और अन्य रचनात्मक सहभागिताओं के आधार पर अंक प्रदान किए जाएंगे. इन अंकों के मूल्यांकन के बाद ही यह तय होगा कि किस शिक्षक को विदेश जाने का अवसर मिलेगा. इसके लिए सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से योग्य शिक्षकों के आवेदन प्राप्त किए जाएंगे, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता बनी रहे.
विदेश जाने वाली शिक्षकों की टीम ये सभी चीजें देखेगी
विदेश जाने वाली शिक्षकों की यह विशेष टीम वहां के स्कूलों की कार्यसंस्कृति के हर एक पहलू का अध्ययन करेगी. वे यह देखेगी कि विदेशों में बच्चों को किस प्रकार पढ़ाया जाता है, उनकी कक्षा की तकनीकें क्या हैं, और पढ़ाई के साथसाथ अन्य सहगतिविधियों का संचालन कैसे होता है. इसके अलावा, वहां मिलने वाले गृह कार्य का मूल्यांकन किस तरह होता है तथा शिक्षकों और अभिभावकों के बीच आपसी सामंजस्य कैसा है, इन सभी बातों का वे अध्ययन करेंगे.
विदेश यात्रा से लौटने के बाद इन शिक्षकों को एक विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा विभाग के मुख्यालय में जमा करनी होगी, जिसकी समीक्षा संबंधित अधिकारियों द्वारा की जाएगी ताकि उन बेहतर तौरतरीकों को बिहार में भी अपनाया जा सके.



