Unnao News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 7 मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है. इनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में देवर और भाभी शामिल हैं. दोनों की मौत लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई. वहीं, पांच अन्य लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर मरीजों के परिजनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं.

लखनऊ के अस्पताल में हुई दोनों की मौत

मामला गंज मुरादाबाद क्षेत्र के अटवा बैक गांव का है. जानकारी के मुताबिक, गांव के एक युवक के चाचा और मां को बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही थी. इसके बाद परिजन दोनों को इलाज के लिए लखनऊ के आम्रपाली अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में दोनों की स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट में दोनों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई. इलाज के दौरान दोनों की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई.

24 घंटे के अंतराल में दो मौत

बताया गया कि युवक के चाचा की मौत 2 सितंबर को हुई थी. इसके ठीक एक दिन बाद यानी 3 सितंबर को युवक की मां ने भी दम तोड़ दिया. दोनों मौतों की जानकारी युवक ने मेल के जरिए उन्नाव स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी. मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और एक जांच टीम गठित की गई. टीम को मरीजों के परिजनों के सैंपल लेने के लिए गांव भेजा गया.

5 अन्य लोगों में मिले लक्षण

सीएमओ डॉ. अजय कुमार शर्मा के मुताबिक, जिले से अब तक स्वाइन फ्लू के 7 मरीज पॉजिटिव मिले हैं. इनमें दो लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि पांच अन्य लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं. सीएमओ ने बताया कि दोनों मौतें लखनऊ में हुई हैं. स्वास्थ्य विभाग को इन मौतों की आधिकारिक सूचना अभी नहीं मिली थी, लेकिन जानकारी मिलने के बाद विभाग ने अपने स्तर पर इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले पांचों लोग फिलहाल खतरे से बाहर हैं.

मरीजों के परिजनों के लिए गए सैंपल

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों और उनके परिजनों के सैंपल लेने शुरू कर दिए हैं. इन सैंपल की जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि संक्रमण और कितने लोगों तक पहुंचा है. विभाग ने जुकाम और बुखार से पीड़ित लोगों को दवाएं भी वितरित की हैं. साथ ही लोगों को लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और इलाज कराने की सलाह दी जा रही है.

उन्नाव में ही होगी स्वाइन फ्लू की जांच

सीएमओ डॉ. अजय कुमार शर्मा ने बताया कि पॉजिटिव मिले मरीजों के आधार कार्ड में पता उन्नाव का है, लेकिन इनमें से कोई भी मरीज फिलहाल उन्नाव में रह नहीं रहा है और न ही किसी मरीज का उन्नाव के अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू की जांच के लिए जिले में लैब को एक्टिव कर दिया गया है. अब संदिग्ध मरीजों की जांच उन्नाव में ही की जा सकेगी और सैंपल जांच के लिए बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल लक्षण वाले मरीज खतरे से बाहर हैं, लेकिन दो मौतों के बाद विभाग ने निगरानी और जांच का दायरा बढ़ा दिया है.