Himachal Weather News: हिमाचल प्रदेश के कई भागों में सोमवार सुबह से मौसम खराब है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों के दौरान किन्नौर और लाहौल स्पीति के कई स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी के साथ एक-दो दौर मध्यम बारिश-बर्फबारी हो सकती है। वहीं, शिमला और सिरमौर में कई जगह हल्की बारिश के साथ एक-दो दौर मध्यम बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, 29 सितंबर और 1 अक्टूबर को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। सप्ताह के बाकी दिनों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। मैदानी और निचले क्षेत्रों में 29 सितंबर को एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, जबकि मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। उच्च पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं।
जिला सिरमौर में रविवार को भी कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। इसके साथ साथ जिला किन्नौर में पिछले दो दिन से हल्की बारिश का दौर जारी है। शिमला के कई हिस्सों में भी बारिश हुई। प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बीच हिमाचल का मौसम बदल गया है। इस बारिश के बाद ठंड ने दस्तक दे दी है।
बारिश-बर्फबारी से तापमान में गिरावट
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों किन्नौर और लाहौल स्पीति में हुई बर्फबारी तथा प्रदेश के निचले इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान कल्पा में 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले 3-4 दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान में भी अगले कुछ दिनों में धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है।
शिमला में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरा मलबा
उधर, शिमला जिले के चिड़गांव क्षेत्र में जांगलिख पुल के पास सोमवार सुबह अचानक पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया। देखते ही देखते सड़क पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर जमा हो गए, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर रविवार से ही पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर गिर रहे थे, जिससे राहगीरों को खतरे का अंदेशा हो गया था। सोमवार सुबह स्थिति अचानक बिगड़ गई और पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफ़रा-तफ़री मच गई।



