मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां खड्ड में नहाने गए 17 वर्षीय छात्र की अचानक गहरे पानी में डूबने से सांसें रुक गईं। मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और हर किसी को लगा कि अब छात्र को बचाना मुश्किल है। लेकिन तभी दो लोग मसीहा बनकर पहुंचे और कुछ ही मिनटों में मौत के मुंह से छात्र को वापस खींच लाए।

घटना बुधवार की गुटकर क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, तीन स्कूली छात्र सुकेती खड्ड में नहाने गए थे। इसी दौरान एक 17 वर्षीय छात्र अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे तैरना नहीं आता था, जिसके चलते वह डूबने लगा।

छात्र को पानी में संघर्ष करता देख आसपास मौजूद लोग घबरा गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें लगभग थम चुकी थीं और हालत बेहद गंभीर हो गई थी।

इसी दौरान पास स्थित हिमाचल हॉर्ट इंस्टीट्यूट मांडव अस्पताल के वार्ड बॉय रजत और हाउसकीपर बलदेव मौके पर पहुंचे। दोनों ने बिना समय गंवाए छात्र को CPR देना शुरू कर दिया। लगातार कोशिशों के बाद छात्र की सांसें वापस लौट आईं। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

इसके बाद छात्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि छात्र अपने परिवार के साथ ब्राधीवीर क्षेत्र में किराए के मकान में रहता है। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे के बच जाने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों कर्मचारी छात्र को CPR देते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनकी सूझबूझ और बहादुरी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

मांडव अस्पताल के MD डॉ. संदीप बांगा ने बताया कि अस्पताल में कर्मचारियों को नियमित रूप से CPR और अन्य जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि रजत और बलदेव ने जिस तरह तेजी और समझदारी दिखाई, वह बेहद सराहनीय है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि CPR जैसी जीवन बचाने वाली तकनीकों की जानकारी हर व्यक्ति को होनी चाहिए, क्योंकि सही समय पर दी गई मदद किसी की जिंदगी बचा सकती है।