भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने T20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में जिम्बाब्वे को 30 से हराकर शानदार शुरुआत की है। अब टीम इंडिया की नजरें एकदिवसीय श्रृंखला जीतने पर टिकी हैं। 23 अक्टूबर से वडोदरा में शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे श्रृंखला में भारतीय टीम अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी। स्मृति मंधाना की कप्तानी में टीम के पास एक बार फिर अपना दबदबा दिखाने का मौका है। हालांकि, वनडे क्रिकेट में चुनौती अलग होगी और खिलाड़ियों को अपनी रणनीति के साथ मैदान पर उतरना होगा।

T20 की जीत से बढ़ा भारतीय टीम का आत्मविश्वास

जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 श्रृंखला में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम ने अपना दम दिखाया और तीनों मुकाबले जीतकर श्रृंखला अपने नाम की। इस प्रदर्शन से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी से प्रभावित किया, जबकि हरमनप्रीत कौर ने तीसरे T20 मुकाबले में केवल 41 गेंदों पर 91 रन बनाकर अपनी फॉर्म का शानदार संकेत दिया। अब वनडे श्रृंखला में भी भारतीय टीम को इन दोनों खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें होंगी।

स्मृति मंधाना के सामने कप्तानी की नई चुनौती

स्मृति मंधाना पहली बार पूर्णकालिक कप्तान के रूप में वनडे श्रृंखला में भारतीय टीम का नेतृत्व कर रही हैं। ऐसे में उनके लिए यह मुकाबला सिर्फ जीत हासिल करने का नहीं, बल्कि टीम को सही दिशा देने का भी अवसर है। भारतीय टीम को मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स की कमी खल सकती है। हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण वह इस श्रृंखला से बाहर हैं।

उनकी अनुपस्थिति में हरलीन देओल और प्रतीका रावल जैसे खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ सकती है। उपकप्तान दीप्ति शर्मा भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में उनका अनुभव भारत को मजबूती दे सकता है।

जिम्बाब्वे को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी

भारतीय टीम भले ही T20 श्रृंखला में क्लीन स्वीप कर चुकी है, लेकिन वनडे में जिम्बाब्वे को कमजोर समझना गलती हो सकती है। मेहमान टीम अपनी पिछली गलतियों से सीखकर वापसी करने की कोशिश करेगी।

भारत की नजरें तीनों मुकाबले जीतकर श्रृंखला अपने नाम करने पर होंगी। वहीं, जिम्बाब्वे भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देकर अपनी क्षमता साबित करना चाहेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि स्मृति मंधाना की कप्तानी में भारतीय महिला टीम T20 के बाद वनडे में भी जीत का सिलसिला कायम रख पाती है या नहीं।