सिनेमा के साथ हमेशा ही दर्शकों का रिश्ता बेहद गहरा रहा है। कहानियों की इस जादुई दुनिया ने कई बार खुद को तलाशने और हकीकतों से दूर एक अलग सुकून पाने में कई लोगों की मदद की। साल 2010 में आई फिल्म ‘उड़ान’ ने उस दौर के टीनेजर्स की सोच को पूरी तरह बदल दिया। इस फिल्म में रोहन सिंह के किरदार ने लोगों पर अमिट छाप छोड़ी। इस रोल को रजत बरमेचा ने बखूबी निभाया था। रजत ने ‘रोहन’ के जरिए उन तमाम संघर्षों और जज्बातों को पर्दे पर जिया, जिनसे हर किशोर कभी न कभी गुजरता है। रोहन का अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना और उसका वह बड़ा भाई वाला अंदाज मुझे काफी प्रभावित कर गया। ‘उड़ान’ के बाद रजत का फिल्मी सफर उतारचढ़ाव भरा रहा, लेकिन ओटीटी के उदय ने उन्हें एक नया मंच दिया। वह राधिका मदान के साथ फिल्म ‘कच्चे लिंबू’ में नजर आए।

पूरी तरह बदल गया 'उड़ान' का रोहन, रॉनित रॉय का बेटा बनकर हुआ फेमस, खुद को किया ट्रांसफॉर्म, पहचान नहीं पाएंगे
पूरी तरह बदल गया 'उड़ान' का रोहन, रॉनित रॉय का बेटा बनकर हुआ फेमस, खुद को किया ट्रांसफॉर्म, पहचान नहीं पाएंगे

रजत का ट्रांसफॉर्मेशन

रजत बरमेचा ने हाल के सालों में एक जबरदस्त ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ किया है, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह सकता है। उनकी हालिया तस्वीरें उनके समर्पण और कड़ी मेहनत की कहानी खुद बयां करती हैं। फिल्म ‘कच्चे लिंबू’ में वह और राधिका मदान भाईबहन की भूमिका में दिखे। मासूम से नजर आने वाले रजत अब काफी बदल गए हैं, चेहरे पर दाढ़ी, अच्छी फिटनेस अब उन्हें पहले से काफी अलग बनाती है। रजत काफी गुड लुकिंग हो गए हैं। हालिया तस्वीरें देखने के बाद आप शायद ही पहचान पाएं कि ये वही रजत भरमेचा हैं जो उड़ान में रोहन का किरदार निभाते नजर आए थे।

एक्टिंग के अलावा क्या करते हैं रजत

अभिनय के अलावा रजत एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। वह अपने भाई के साथ मिलकर मुंबई में द बरमेचा हाउस नाम का एक कैफे चलाते हैं। एक एंटरप्रेन्योर बनने का अनुभव उनके लिए बहुत खास रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस कैफे का विचार उनकी मां ने दिया था। जब भी रजत शूटिंग से फ्री होते हैं, वह अपना ज्यादातर समय इसी कैफे में बिताना पसंद करते हैं। बिजनेस की बारीकियों को समझना और उसे संभालना उनके व्यक्तित्व का एक और प्रभावशाली पहलू है। रजत को घूमने का शौक भी है। वो नई जगहों पर जाना, नई चीजों को एक्सप्लोर करना काफी पसंद करते हैं। उनकी ट्रेवेल फोटोज और वीडियो काफी सुर्खियों में रहते हैं। देश ही रजत दुनिया के अलगअलग कोनों को एक्सप्लोर करते हैं।  चाहे बर्फ से ढके पहाड़ हों, हरियाली से भरी पहाड़ियां हों या फिर प्रकृति की गोद, रजत को हर जगह घूमना पसंद है।

योग, आध्यात्म और कविताओं का संगम

रजत एक खुशमिजाज इंसान हैं और इसका श्रेय उनके आध्यात्मिक झुकाव को जाता है। वह योग करते हैं और बाकी लोगों को भी ऐसा करने के लिए सजेस्ट करते हैं। जहां वह जिम में वर्कआउट करके खुद को शारीरिक रूप से फिट रखते हैं, वहीं योग के जरिए वह अपने मन की शांति और खुशी को बरकरार रखते हैं। रजत की प्रतिभा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है, वह कविताएं लिखने के भी बेहद शौकीन हैं। दिलचस्प बात यह है कि कविता लिखने का यह शौक उन्हें उनकी पहली फिल्म ‘उड़ान’ के किरदार से ही विरासत में मिला है।