HRTC बस में चरस लेकर सफर कर रही थी महिला कर्मी, पुलिस ने रोकी बस और खुल गया बड़ा राज: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की एक महिला कर्मचारी को चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद विभाग ने उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार 27 मार्च को ज्वालामुखी पुलिस की टीम ज्वालामुखी-नादौन मार्ग पर नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान नादौन की ओर से आ रही एक HRTC बस को शक के आधार पर जांच के लिए रोका गया। बस में बैठे यात्रियों की तलाशी शुरू हुई तो पुलिस की नजर एक महिला और उसके साथी पर जाकर टिक गई।
तलाशी के दौरान पुलिस ने कृष्ण सिंह ठाकुर निवासी ठियोग और वीना देवी निवासी कुमारसैन के कब्जे से 447 ग्राम चरस बरामद की। बरामदगी के बाद मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि वीना देवी स्वास्थ्य खंड खनेरी (रामपुर) में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थी।
मामले के सामने आते ही पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद जिला देहरा पुलिस ने संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजी, जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने महिला कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
SP देहरा मयंक चौधरी के मुताबिक नशा तस्करी के मामलों में अब तक सात सरकारी और अर्ध-सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, HRTC, पशुपालन विभाग और मंदिर न्यास से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं।
लगातार सरकारी कर्मचारियों का नशा तस्करी मामलों में पकड़ा जाना प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। जिन लोगों पर समाज की सेवा और जिम्मेदारी का भरोसा होता है, उन्हीं के नशे के कारोबार में शामिल पाए जाने से लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और चाहे आरोपी कोई भी हो, कानून से बच नहीं पाएगा।