क्या रोज करी पत्ता खाने से कंट्रोल हो सकती है डायबिटीज? जानिए क्या कहता है मेडिकल साइंस और आयुर्वेद

टाइप-2 डायबिटीज को मैनेज करने के लिए सही खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करना जरूरी है। भारतीय रसोई में तड़के के लिए इस्तेमाल होने वाला करी पत्ता (Curry Leaves) अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। पारंपरिक आयुर्वेद में लंबे समय से इसे ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए प्रभावी माना गया है, लेकिन आधुनिक मेडिकल साइंस इस पर क्या राय रखता है, यह जानना बेहद जरूरी है।

रजिस्टर्ड डायटीशियन, क्लिनिकल डायटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर गरिमा गोयल के मुताबिक, शुगर को कंट्रोल करने के लिए दवाओं के साथ-साथ प्राकृतिक तरीकों से सावधानी बरतना भी बहुत जरूरी है। करी पत्ता शुगर कंट्रोल करने के साथ-साथ शरीर को कई समस्याओं से भी बचाते हैं। करी पत्ता में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और हाइपोग्लाइसेमिक गुण इंसुलिन के स्राव को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसे डॉक्टरी इलाज या एंटी-डायबिटिक दवाओं के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आइए आयुर्वेद और मेडिकल साइंस के मुताबिक जानते हैं कि करी पत्ता कैसे डायबिटीज मरीजों की मदद कर सकता है। Also Readसुबह खाली पेट मेथी का पानी पीने से मिल सकते हैं ये 5 फायदे, जानिए पाचन से लेकर सेहत तक पर कैसा होता है असर

शुगर कंट्रोल करने के लिए करी पत्ता का सेवन कितना असरदार?

करी पत्ते में फ्लेवोनोइड, फेनोलिक कंपाउंड और कार्बाजोल एल्कलॉइड जैसे कई जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। कुछ शोधों में इन यौगिकों और करी पत्ते के अर्क में ब्लड शुगर को कम करने तथा इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर करने की संभावित क्षमता देखी गई है। रिसर्च गेट में छपी खबर के मुताबिक करी पत्ते में कॉपर, आयरन और जिंक जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं। ये खनिज ग्लूकोज Metabolism को सामान्य बनाए रखने और इंसुलिन संश्लेषण में सहायक होते हैं।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण भी करी पत्ते को डायबिटीज मरीजों के लिए उपयोगी बताते हैं और ब्लड शुगर मैनेजमेंट में इसे असरदार बताते हैं। करी पत्ते में फ्लेवोनोइड, एल्कलॉइड, फेनोलिक कंपाउंड और अन्य जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। कुछ शोधों में करी पत्ते के अर्क के सेवन से फास्टिंग ब्लड शुगर, रैंडम ब्लड शुगर और HbA1c में कमी देखी गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रोजाना कुछ करी पत्ते खाने से डायबिटीज ठीक हो जाएगी या ब्लड शुगर हमेशा सामान्य रहेगी। करी पत्ते को डायबिटीज की दवाओं का विकल्प नहीं माना जा सकता।

करी पत्ता का सेवन करने का सही तरीका क्या है?

डायबिटीज मरीज करी पत्ता का सेवन  दाल, सब्जी, सांभर और कई दूसरे व्यंजनों में डालकर कर सकते है। आयुर्वेद में करी पत्ते को सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि औषधीय गुणों वाला पौधा माना गया है। पारंपरिक चिकित्सा में इसके पत्तों का इस्तेमाल विभिन्न रूपों में किया जाता रहा है। आयुर्वेद के मुताबिक सुबह खाली पेट 5-6 ताजे करी पत्ते चबाकर गुनगुना पानी पीना अधिक प्रभावी होता है। करी पत्ते को पानी में उबालकर उसकी चाय या काढ़ा बनाकर पीना आयुर्वेद के मुताबिक बेहद असरदार तरीका है।

जोखिम और सावधानियां समझना भी है जरूरी

अगर कोई मरीज पहले से ही शुगर कंट्रोल करने के लिए एलोपैथिक दवाएं या इंसुलिन ले रहा है उसे अधिक करी पत्ता का सेवन करने से अचानक बहुत ज्यादा ब्लड शुगर कम होने जिसे Hypoglycemia का खतरा बड़ सकता है। अधिक मात्रा में कच्चा करी पत्ता खाने से कुछ लोगों को पेट खराब या एसिडिटी की समस्या हो सकती है, इसलिए करी पत्ता का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।

डिस्क्लेमर: करी पत्ता ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे डायबिटीज का इलाज या दवाओं का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। करी पत्ते से जुड़े उपलब्ध शोध अभी सीमित हैं और इसके प्रभावों की पुष्टि के लिए बड़े स्तर पर मानव-अध्ययनों की जरूरत है। डायबिटीज के मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी दवा बंद या उसकी मात्रा में बदलाव न करें।