टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया आने वाले 18 महीनों में अपने बेड़े का बड़ा विस्तार करने की तैयारी में है. कंपनी ने घोषणा की है कि इस दौरान 50 से 60 नए विमान उसके फ्लीट में शामिल किए जाएंगे. एयर इंडिया का कहना है कि कई वैश्विक चुनौतियों के बावजूद उसकी महत्वाकांक्षी ट्रांसफॉर्मेशन योजना तय दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी.

600 विमानों का बड़ा ऑर्डर, डिलीवरी होगी तेज

एयर इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी और एयर इंडिया एक्सप्रेस के चेयरमैन निपुण अग्रवाल ने बताया कि कंपनी ने करीब 600 विमानों का ऑर्डर दिया है. हालांकि, अब तक इनमें से 10 प्रतिशत से भी कम विमानों की डिलीवरी हुई है. उन्होंने कहा कि अगले सात से आठ वर्षों तक हर साल 50 से 60 नए विमान मिलने की उम्मीद है. इनमें 10 से 15 वाइडबॉडी विमान और 45 से 50 नैरोबॉडी विमान शामिल होंगे. ये खबर आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है।

पुरानी चुनौतियों से निकल रही एयरलाइन

निपुण अग्रवाल के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया को सप्लाई चेन में रुकावट, ईंधन की बढ़ती कीमतों, हवाई क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और भूराजनीतिक तनाव जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. ये समाचार आप हिमाचली खबर में पढ़ रहे है। इसके अलावा पुराने विमान और पुराने केबिन भी संचालन में बाधा बने. हालांकि, अब बेड़े के आधुनिकीकरण और विमानों के अपग्रेड का काम तेजी से चल रहा है.

यात्रियों को मिलेगी बेहतर सेवा

एयर इंडिया एक्सप्रेस अगले साल मार्च तक अपने पूरे बेड़े को एक समान विमान मॉडल में बदलने की योजना पर काम कर रही है. वहीं, एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों का अपग्रेड अगले वर्ष के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है. कंपनी ने यह भी बताया कि बोइंग मैक्स8 विमानों की डिलीवरी तय समय पर जारी है, जबकि मैक्स10 विमानों की डिलीवरी प्रमाणन प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगी.

नेटवर्क विस्तार और सेवा सुधार पर फोकस

पश्चिम एशिया में तनाव और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के चलते एयर इंडिया ने कुछ उड़ानों में अस्थायी कटौती की थी. अब कंपनी इस साल की दूसरी छमाही से अपना नेटवर्क फिर मजबूत कर रही है और आने वाले महीनों में युद्ध से पहले के स्तर पर सेवाएं बहाल करने का लक्ष्य रखती है. साथ ही, यात्रियों का अनुभव बेहतर बनाने के लिए चालक दल और एयरपोर्ट कर्मचारियों के प्रशिक्षण, नई सेवा प्रक्रियाओं और आधुनिक तकनीक में भी लगातार निवेश किया जा रहा है. कंपनी का कहना है कि बेहतर विमान के साथ बेहतर सेवा ही सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा का आधार है.