उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के जरिए प्रदेश की विकास यात्रा और बदलती आर्थिक तस्वीर का उल्लेख किया। उन्होंने वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में तकनीक, निवेश, उत्पादन और रोजगार के क्षेत्र में हुए बदलावों को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए वर्तमान सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

60 प्रतिशत मोबाइल उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले करीब साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने दावा किया कि देश के करीब 60 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों के उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है। उनके मुताबिक, यह बदलाव राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के विस्तार को दर्शाता है।
जेवर में चिप इकाई का निर्माण
योगी आदित्यनाथ ने जेवर में बन रही एचसीएलफॉक्सकॉन चिप इकाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करीब 3,706 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 644 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर के प्रस्ताव भी आए हैं।
स्टार्टअप और यूनिकॉर्न का बढ़ता नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को भी विकास यात्रा का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब 24 हजार से अधिक स्टार्टअप और आठ यूनिकॉर्न हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र के विस्तार से युवाओं के लिए उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।
पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों पर प्रदेश की संभावनाओं का पर्याप्त उपयोग नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय परिवारवाद और माफियाकरण जैसे मुद्दों के कारण विकास और औद्योगिक वातावरण प्रभावित था। ये मुख्यमंत्री द्वारा व्यक्त किए गए राजनीतिक आरोप हैं।
डेटा सेंटर से एआई सिटी तक
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विस्तार के साथ डेटा सेंटर की जरूरत बढ़ी और अब प्रदेश डिजिटल अर्थव्यवस्था के अगले चरण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने डेटा सेंटर से लेकर एआई सिटी तक की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश तकनीक के उपयोगकर्ता से आगे बढ़कर तकनीक के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
10 लाख युवाओं को तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने ‘एआईप्रज्ञा’ पहल के जरिए 10 लाख युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इससे युवाओं को बदलती तकनीकी अर्थव्यवस्था के अनुरूप कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्टार्टअप संस्कृति को युवाओं को रोजगार तलाशने वाले से रोजगार देने वाले उद्यमी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
एचसीएल के कार्यक्रम में शामिल होंगे योगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में एचसीएल टेक की स्थापना के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह शामिल होंगे। इस दौरान एचसीएल जीयूवीआई इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का शुभारंभ भी प्रस्तावित है। उन्होंने इसे विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य से जोड़ते हुए प्रदेश की नई तकनीकी दिशा का हिस्सा बताया।



