मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक आज फिर मार्च कर रहा है. दिल्ली के बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया जा रहा है, जिसमें कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी नेता धर्मेंद्र यादव, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत INDIA ब्लॉक के कई बड़े नेता और सांसद मौजूद रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद INDIA ब्लॉक के नेता, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका दायर करेंगे.

INDIA ब्लॉक के सांसदों में धर्मेंद्र यादव, संजय राउत, अरविंद सावंत, महुआ माझी, महुआ मोइत्रा और विपक्ष के अन्य नेता शामिल हैं. मार्च से पहले सभी नेता कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में इकट्ठा हुए और विरोध प्रदर्शन के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए. विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, ‘वे लोगों की आवाज को दबाना चाहते हैं… लोकतंत्र में लोगों की आवाज को कभी दबाया नहीं जा सकता… वे हिल गए हैं.’

‘ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा’

इस दौरान कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, ‘पूरे देश की जनता आज सड़कों पर उतर आई है… राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में देश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता यहां इकट्ठा हुए हैं… हम सबकी एक ही मांग है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी सुनवाई करे… CEC ज्ञानेश कुमार ने जो किया है वह अवैध है, असंवैधानिक है… उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा… हमने पेश किए गए ‘वोट चोरी’ के सबूत साबित करते हैं कि हमें इस देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ेगी.’

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने आगे कहा, ‘हम शांतिपूर्ण ढंग से, गांधीवादी तरीके से बोलना चाहते हैं… लेकिन पुलिस युवाओं पर लाठियां बरसा रही है… नेताओं को जेल में डाला जा रहा है… यह गलत है… मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट को हमारी सुनवाई करनी चाहिए ताकि सही कदम उठाए जा सकें… CEC को इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है…यह सरकार खुद को बचाने के लिए पुलिस को आगे बढ़ा रही है.’

‘जेल जाने तक विरोध जारी रहेगा’

INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी सांसद आनंद भदौरिया ने कहा, ‘यह मार्च सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ रहा है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही है और उन्हें जेल भेजने के लिए कार्रवाई की मांग की जा रही है… यह संघर्ष और विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक वह इस्तीफा नहीं दे देते और जेल नहीं भेजे जाते.’