Himachal News Today: मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा चौक में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने पूर्व भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान तथाकथित ‘डबल इंजन’ की सरकार ने हिमाचल प्रदेश को गहरे कर्ज के दलदल में धकेला और प्रदेश की बहुमूल्य संपदा का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया।

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में राज्य को जीएसटी कंपनसेशन और राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के रूप में लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की विशाल राशि प्राप्त हुई थी, लेकिन इस धन का प्रदेश हित में कोई उचित उपयोग नहीं किया गया।
प्रदेश में लगभग 45 महीने पहले कांग्रेस के नेतृत्व में जन-सरकार के गठन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को प्रदेश की सेवा का अवसर मिला। आम जनता की समस्याओं और पीड़ा को समझते हुए मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। हालांकि, इस फैसले के बाद केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की करीब 1,600 करोड़ रुपये की वार्षिक आर्थिक सहायता बंद कर दी।
प्राकृतिक आपदा और राजनीतिक चुनौतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने दोनों संकटों का मजबूती से सामना किया। भीषण आपदा के दौरान राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से करीब 23 हजार क्षतिग्रस्त मकानों का पुनर्निर्माण कराया। वहीं, राजनीतिक चुनौतियों का मुकाबला प्रदेश की जनता के सहयोग और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से किया गया, जिसके परिणामस्वरूप विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या पुनः 40 तक पहुंच गई।
सरकार का प्राथमिक संकल्प हिमाचल प्रदेश को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार कर आम नागरिकों को उनके अधिकार दिलाए जा रहे हैं। कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके वित्तीय लाभ दिए जा रहे हैं, जबकि अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए विशेष योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा रही हैं।
किशाऊ बांध परियोजना पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने हिमाचल के हितों की पुरजोर पैरवी की है। यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार होती तो उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल के लोगों पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था। सरकार के मजबूत पक्ष के कारण इस खर्च को बचाया गया और अब इस परियोजना से भविष्य में राज्य को प्रतिवर्ष 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये की नियमित आय प्राप्त होगी।
दुग्ध उत्पादकों के हित में उठाए गए कदमों का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि पूर्व भाजपा सरकार के समय दूध 32 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाता था। वर्तमान सरकार ने गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 61 रुपये तथा भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया है, जिसे आने वाले समय में और अधिक बढ़ाया जाएगा।
सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ की पात्रता शर्तों में बड़े बदलाव की घोषणा की। अब इस योजना का लाभ उठाने के लिए मनरेगा में एक दिन कार्य करने की अनिवार्य शर्त को समाप्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, परिवार की वार्षिक आय सीमा को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है। साथ ही, 21 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी।
रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द ही पुलिस कांस्टेबलों के 800 पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 23 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एमआरआई (MRI) मशीन स्थापित की जा रही है। पूर्व सरकार के समय अस्पतालों में केवल 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है और इसे जल्द 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर क्षेत्रीय पक्षपात का आरोप लगाते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में मंडी में क्षेत्रवाद का नारा देकर भाजपा ने 10 में से 9 सीटें जीतीं, लेकिन सत्ता में आने के बाद केवल सराज विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर पूरे मंडी जिले के विकास की अनदेखी की गई। स्थानीय भाजपा विधायक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह विधानसभा में जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में विफल रहे हैं।
कर्मचारियों के लिए राहत का संकेत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) की किस्त जल्द जारी की जाएगी, जिससे कर्मचारी इस बार दिवाली का त्योहार बेहतर ढंग से मना सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति में अब निरंतर सुधार दर्ज किया जा रहा है।
बल्ह क्षेत्र के ढांचागत विकास के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- नेरचौक में जल शक्ति विभाग तथा विद्युत बोर्ड के डिवीजन कार्यालय और डीएसपी (DSP) कार्यालय खोलने की स्वीकृति।
- सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की घोषणा।
- डंपिंग साइट के लिए 1 करोड़ रुपये, कंसा स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए 50 लाख रुपये तथा लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत के लिए 3 करोड़ रुपये।
- रिडू, नालू तथा सरयाड मार्ग को पक्का करने के लिए 60 लाख रुपये और क्षेत्र के महिला मंडलों को 35-35 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि।
- गुरकोटा में आगामी शैक्षणिक सत्र से नया सीबीएसई (CBSE) स्कूल खोलने का ऐलान।
कार्यक्रम के आरंभ में पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अनाथ बच्चों को शैक्षणिक एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश भेजना मुख्यमंत्री की संवेदनशील दृष्टि को दर्शाता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश के संवैधानिक अधिकारों में कटौती करने का भी आरोप लगाया। इस दौरान एपीएमसी चेयरमैन संजीव गुलेरिया, विधायक अनिल शर्मा, सुंदर सिंह ठाकुर, इंद्र सिंह गांधी सहित अनेक वरिष्ठ नेता व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।



