Champat Rai Resign:  अयोध्या के श्रीराम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच चंपत राय ने ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा महंत नृत्य गोपाल दास को दिया है। इस बात की पुष्टि ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्र ने की है। इसी के साथ अनिल मिश्रा ने भी इस्तीफा दे दिया है। एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में माना था कि ट्रस्ट के अधिकारियों की संलिप्तता इसमें रही है। सीएम के 13 जून को अयोध्या दौरे के समय एसआईटी का गठन कर ये स्पष्ट किया गया था कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। 

कौन हैं चंपत राय 

चंपत राय बिजनौर के नगीना कस्बे के सरायमीर मोहल्ले के रहने वाले हैं। 

चंपत के पिता रामेश्वर जीवन के शुरुआती दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य थे।

इसी वजह से चंपत राय ने भी RSS जॉइन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद धामपुर के RSM डिग्री कॉलेज में केमिस्ट्री के प्रोफेसर बन गए। 

1975 में आपातकाल के दौरान 18 महीने जेल में रहे। 

जेल से छूटने के बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और संघ के प्रचारक बन गए।

साल 1991 में चंपत राय को क्षेत्रीय संगठन मंत्री बनाकर अयोध्या भेजा गया। 

1996 में वे विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री बनाए गए। 

साल 2002 में संयुक्त महामंत्री और फिर अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए। 

चंपत भगवान राम की सेवा में ऐसे लगे कि उन्होंने शादी भी नहीं की।

लोग प्यार से उन्हें रामलला का पटवारी कहते हैं।