सिनेमा में रुचि रखने वालों के लिए सुबहसुबह एक बुरी खबर सामने आई. अपनी एक्टिंग और अलग अंदाज में डॉयलॉग डिलीवरी के लिए जाने वाले अभिनेता नाना पाटेकर का गोवा में निधन हो गया. उनका जीवन एक्टिंग के क्षेत्र में तो कमाल का है, लेकिन उनसे जुड़ा कारगिल युद्ध का एक वाक्या भी काफी दिलचस्प है.

उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि वो 1999 के कारगिल वार के समय भारतीय सेना के साथ रहना चाहते थे. ऐसे में उन्होंने उस समय के रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस से परमिशन लेनी चाही. रक्षा मंत्री ने शुरुआत में सुरक्षा के मद्देनजर कहा कि कोई आम नागरिक ऐसी परिस्थित में सेना के जवानों के साथ नहीं रह सकता है.

शूटिंग में मिला था मेडल

पाटेकर ने उस समय की चर्चा के दौरान बताया कि उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री को कमांडो कोर्स की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वे इस कोर्स को पूरा कर चुके हैं. उनके पास हथियारों को चलाने का अनुभव है. उस समय वहां जाने की इच्छा में पाटेकर ने बताया कि उन्होंने राइफल शूटिंग में भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं.

इंटरव्यू में पाटेकर ने अपने शूटिंग अनुभव को भी याद किया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं एक अच्छा शूटर हूं. मैंने राइफल शूटिंग में राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला किया है.”

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