झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का आज बुधवार को रांची के हिल व्यू अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. रूपी सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक पद्म भूषण से सम्मानित नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी थीं. रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में उनके निधन की सूचना के बाद सोरेन परिवार सहित पार्टी के नेताओं और समर्थकों के बीच शोक की लहर है.

मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन का पिछले महीने से ही तबीयत बिगड़ने के बाद रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. इसी बीच आज इलाज के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. इस दौरानझारखंड सरकार के कई मंत्री उनकी तबीयत की जानकारी लेने के लिए अस्पताल पहुंचे थे. हालात को देखते हुए आज शाम झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट की बैठक पहले ही स्थगित कर दी गई थी.
सांस लेने में तकलीफ के कारण कराया गया था भर्ती
हिल व्यू अस्पताल और अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. नितेश प्रिया ने पीटीआई को बताया, ‘मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन, जिन्हें यहां भर्ती कराया गया था, उनका रात करीब 8.30 बजे निधन हो गया. उन्हें सांस लेने में तकलीफ के कारण 18 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था’.
मां के निधन पर भावुक हुए सीएम सोरेन
मां के निधन पर भावुक हुए हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं. आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं’.
बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं। आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं।
माँ….
— Hemant Soren October 7, 2026
झारखंड विधानसभा अध्यक्ष ने जताया दुख
झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक समाचार. रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. उनके निधन से झारखंड ने एक स्नेहमयी मातृशक्ति को खो दिया है. उनका जाना परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके स्नेह और आत्मीयता से जुड़े सभी लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है. इस गहन दुःख की घड़ी में मुख्यमंत्री एवं समस्त शोकाकुल परिवार के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना एवं गहरी शोकसंवेदना व्यक्त करता हूं’.
अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक समाचार।
श्रीमती रूपी सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनके निधन से झारखंड ने एक स्नेहमयी मातृशक्ति को खो दिया है। उनका जाना परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि उनके स्नेह और आत्मीयता से जुड़े सभी लोगों के लिए अपूरणीय क्षति है।
इस गहन दुःख की घड़ी में माननीय मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी एवं समस्त शोकाकुल परिवार के प्रति मैं अपनी हार्दिक संवेदना एवं गहरी शोकसंवेदना व्यक्त करता हूँ।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करें।
— Rabindra Nath Mahato October 7, 2026
पूर्व सीएम चंपई सोरेन ने भी जताया दुख
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी हेमंत सोरेन की मां के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा है, ‘दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन जी के निधन की दुखद सूचना से मन व्यथित है. झारखंड आंदोलन के समय की कई घटनाएं, कई यादें आंखों के सामने से गुजर रही हैं. मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें’.
दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी रूपी सोरेन जी के निधन की दुखद सूचना से मन व्यथित है। झारखंड आंदोलन के समय की कई घटनाएं, कई यादें आँखों के सामने से गुजर रही हैं।
मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें तथा परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें।
अंतिम जोहार !
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— Champai Soren October 7, 2026
रूपी सोरेन ने 1999 में लड़ा था लोकसभा चुनाव
सिर्फ शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन ही नहीं बल्कि रूपी सोरेन भी राजनीति में सक्रिय रही थीं. उन्होंने अविभाजित बिहार में साल 1999 में दुमका से लोकसभा का चुनाव लड़ा था, लेकिन बाबूलाल मरांडी से 5,000 से भी कम वोटों से हार गई थीं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, रूपी सोरेन को कुल 1,96,493 वोट मिले थे, जबकि बाबूलाल मरांडी को 2,01,141 वोट मिले थे.
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