राजधानी दिल्ली में बुधवार का दिन खासा हंगामेदार रहा. चुनाव आयोग की कार्यशैली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने जमकर प्रदर्शन किया. सेंट्रल दिल्ली में शांगरीला होटल के पास गोल चक्कर पर धरना देने के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने जबरदस्ती हटाया और हिरासत में ले लिया. सरकार और दिल्ली पुलिस के एक्शन पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जमकर निशाना साधा और कहा कि वह गलती करने वालों पर एक्शन की जगह राहुल और प्रियंका को पकड़ रही है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में अन्य सांसद और नेता बसों में सवार होकर जंतरमंतर पर विरोधप्रदर्शन वाली जगह जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. इन्हें अलगअलग पुलिस स्टेशनों में ले जाया गया और रात 8 बजे के कुछ देर बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया. राहुल को बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जबकि प्रियंका तथा अन्य लोगों को छत्रसाल स्टेडियम में हिरासत में रखा गया.
वोटिंग अधिकार छीनने की कोशिश में सरकारः CM रेड्डी
सीएम रेड्डी ने आज जारी बयान में कहा कि वे लोगों के वोटिंग अधिकार छीनने की कोशिश कर रहे हैं. वे देश में 2 तरह के लोग बना रहे हैं, एक जिनके पास वोटिंग अधिकार हैं और दूसरे जिनके पास नहीं हैं. SIR का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों पर ज्ञानेश कुमार के जरिए हो रहा है. उन्होंने आगे कहा, “राहुल गांधी मांग कर रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें. लेकिन गलती करने वाले लोगों को गिरफ्तार करने की जगह, उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को गिरफ्तार किया है. पीएम मोदी लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं. यह आंदोलन यहीं खत्म नहीं होगा.”
राहुल और प्रियंका को बारबार पकड़े जाने पर निराशा जाहिर करते हुए सीएम रेड्डी ने कहा, “हर दिन वे राहुल को हिरासत में लेते हैं और उन पर पुलिस छोड़ देते हैं. हर दिन यह सरकार हमला करने की कोशिश करती है, और यह बिल्कुल भी सही नहीं है. हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे.
ज्ञानेश के इस्तीफे से PM को देना पड़ेगा इस्तीफाः CM रेड्डी
उन्होंने कहा, “एक समय ‘साइमन गो बैक’ आंदोलन हुआ था, जिसके बाद भारत को आजादी मिली. आज, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ेगी.” “पीएम मोदी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ज्ञानेश कुमार अपना पद छोड़ें, यही कांग्रेस की मांग है.
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस की कार्रवाई पर निराशा जताते हुए सीएम रेड्डी ने कहा, “दिल्ली में आज प्रदर्शन के दौरान राहुल और प्रियंका के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को देखकर हम पीएम मोदी और अमित शाह की असहिष्णुता देख सकते हैं. आज, अपनी गलतियों के नतीजों से बचने और अपनी कुर्सी बचाने के लिए, वे पुलिस से राहुल और प्रियंका गांधी समेत कई अन्य नेताओं पर हमला करवा रहे हैं.”
“लेकिन लोग सब कुछ देख रहे हैं. इतिहास में जिसने भी ऐसा किया है, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है. उन सभी को जनता की अदालत में सजा मिलेगी. बेइज्जत होकर सत्ता से हटने की जगह, ये लोग विपक्ष की बात मानकर और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा दिलवाकर अपनी कुछ इज्जत बचा सकते हैं.”
EDCBI के इस्तेमाल के अलावा अब EC का इस्तेमालः रेड्डी
केंद्र पर निशाना साधते हुए सीएम रेड्डी ने कहा, “पहले वे अपने राजनीतिक मकसदों के लिए ED और CBI का इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब वे सीधे चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रहे हैं. संविधान ने लोगों को वोट देने का अधिकार दिया है, कोई इसे छीन नहीं सकता. आज, वे अपना फायदा उठाने के लिए लोगों के वोट काट रहे हैं, जबकि हम इस साजिश को ठीक कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं और मामला आगे बढ़ता है, तो पीएम मोदी को इस्तीफा देना पड़ेगा. इसलिए यह आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा. संविधान को बचाने के लिए यह आंदोलन सड़कों से संसद तक जाएगा, और INDIA गठबंधन यही करने की कोशिश कर रहा है. हम संविधान को बचाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं.
मुख्यमंत्री रेड्डी का कहना है, “लेकिन यह सरकार बहरी और अंधी हो गई है, और सुनने को तैयार नहीं है. इसलिए पूरी जनता सड़कों पर उतर आई है. यह जनता का आंदोलन है. यह कांग्रेस का आंदोलन नहीं है. यह INDIA गठबंधन का आंदोलन है. जब जनता आवाज उठाती है, तो सरकार को सुनना ही पड़ता है. अगर नहीं सुनती, तो सरकार नहीं टिकेगी.



