Churu murder case: राजस्थान के चूरू जिले के चंगोई गांव में सरपंच का चुनाव लड़ने की जिद ने एक परिवार को उजाड़ दिया. आरोप है कि चुनाव लड़ने से रोकने पर पिता ने अपने ही इकलौते बेटे और बहू को बोलेरो से कुचलकर मार डाला. घटना तारानगर तहसील में मंगलवार रात करीब 12:50 बजे हुई. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही बोलेरो जब्त कर ली है. घटना के बाद गांव में मातम पसरा है. वहीं, बुधवार को तारानगर थाने में मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने आरोपी की पिटाई भी कर दी.

पुलिस के मुताबिक, चंगोई निवासी रामचंद्र जाट गांव में धर्मकांटा चलाता है. वह चंगोई के सरपंच पद का चुनाव लड़ना चाहता था. उसका इकलौता बेटा रविंद्र और बहू महिंद्रा उसे चुनाव लड़ने से मना कर रहे थे. इसी बात को लेकर परिवार में कई दिनों से विवाद चल रहा था. मंगलवार रात भी घर पर पितापुत्र के बीच कहासुनी हुई. इसके बाद रविंद्र और महिंद्रा घर छोड़कर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित धर्मकांटे पर चले गए. आरोप है कि रामचंद्र अपनी पत्नी धर्मा देवी के साथ वहां पहुंच गया. वहां भी चुनाव लड़ने की बात पर विवाद हुआ.

बोलेरो से कुचलकर हत्या करने का आरोप

विवाद के बाद रविंद्र और महिंद्रा वहां से घर लौट रहे थे. इसी दौरान आरोप है कि रामचंद्र बोलेरो लेकर पीछे से आया और दोनों को गाड़ी से कुचल दिया. इस घटना में बेटे और बहू की मौत हो गई. तारानगर के डीएसपी रोहित सांखला ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है और घटना में इस्तेमाल बोलेरो जब्त कर ली गई है. मृतका महिंद्रा के पिता शीशराम ने रामचंद्र के खिलाफ गाड़ी से कुचलकर हत्या करने का मामला दर्ज कराया है. बुधवार दोपहर सरकारी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए.

थाने में आरोपी की पिटाई, पुलिस ने छुड़ाया

घटना के बाद बुधवार को जब आरोपी तारानगर थाने में था, तब महिंद्रा के मायके पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई कर दी. मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीचबचाव कर उसे छुड़ाया. इस घटना ने मामले की गंभीरता और परिवार के भीतर उपजे तनाव को और उजागर कर दिया.

11 साल की बेटी के सिर से उठा मातापिता का साया

ग्रामीणों के मुताबिक, रविंद्र पंचायत भवन में किराये की दुकान लेकर ईमित्र चलाता था. उसकी शादी करीब 13 साल पहले मेलूसर निवासी महिंद्रा से हुई थी. दोनों की 11 साल की बेटी मिकारिका है. घटना के समय रामचंद्र की पत्नी धर्मा देवी भी धर्मकांटे पर मौजूद थी. बेटे और बहू की मौत के बाद वह बेसुध हो गई.

16 नवंबर को होने हैं पंचायत चुनाव

चंगोई गांव के अलग ग्राम पंचायत बनने के बाद से ही रामचंद्र सरपंच पद के चुनाव की तैयारी कर रहा था. पंचायत चुनाव के चौथे चरण में 16 नवंबर को मतदान होना है. ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव लड़ने को लेकर पिता और बेटेबहू के बीच बारबार विवाद होता था. अब इस पारिवारिक कलह का अंत दो मौतों के रूप में हुआ है और गांव में शोक का माहौल है.