दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को आम आदमी पार्टी पर तीखा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी दिल्ली के शिक्षा विभाग में हो रहे काम को रोकने के लिए बेबुनियाद आरोप लगा रही है. उन्होंने AAP की राजनीति को हूट एंड शूट बताया. इसका मतलब है कि पहले आरोप लगाओ और फिर बिना जवाब दिए वहां से निकल जाओ.

शिक्षा मंत्री ने AAP नेताओं की ओर से पाठ्यपुस्तकों की खरीद में घोटाले के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने किताबों की असली कॉपी, टेंडर से जुड़े वर्क ऑर्डर और स्केल पेश किए. उन्होंने कहा कि दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर इन आरोपों की सच्चाई की जांच की जा सकती है.

बड़े छोटू बनाम छोटे छोटू: AAP की अंदरूनी लड़ाई पर सूद का तंज

आशीष सूद ने AAP के नेतृत्व के बीच कथित खींचतान का दावा किया. उन्होंने कहा कि पार्टी के पुराने और नए नेताओं के बीच अपनी राजनीतिक पहचान बनाए रखने की होड़ लगी हुई है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में नए छोटू आ गए हैं. पुराने और बड़े छोटुओं की अहमियत नए और छोटे छोटुओं से ज्यादा बनी रहे, इसलिए बेरोजगार नेता अपनी राजनीतिक दुकान चलाने के लिए झूठ फैला रहे हैं. बड़े छोटुओं और छोटे छोटुओं की इसी अंदरूनी लड़ाई में ये नेतृत्वविहीन नेता बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.

किताबों की कीमत, साइज और टेंडर के आंकड़ों से AAP को जवाब

कक्षा 8 की हिंदी पाठ्यपुस्तक मल्हार की खरीद को लेकर लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री ने मौजूदा सरकार की खरीद प्रक्रिया की तुलना पिछली AAP सरकार के समय हुई खरीद से की.

  1. पाठ्यपुस्तक की कीमत: आशीष सूद के मुताबिक, AAP ने NCERT की ओर से 65 रुपये में बेची जाने वाली किताब को लेकर सवाल उठाए. जबकि दिल्ली सरकार ने मल्हार किताब 28.61 रुपये में खरीदी. उन्होंने कहा कि साल 2022 में पिछली AAP सरकार के समय इसी साइज की गृह विज्ञान किताब की छपाई 55 रुपये में कराई गई थी. यह मौजूदा कीमत से लगभग दोगुनी है.
  2. किताब का साइज और माप: शिक्षा मंत्री ने बताया कि टेंडर में किताबों का साइज 17.1 सेंटीमीटर × 24.1 सेंटीमीटर तय किया गया था. यह तय मानक के मुताबिक है. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि वे दिए गए स्केल से किताबों का माप लेकर इसकी खुद जांच कर सकते हैं.
  3. अधिकतम कीमत 51 रुपये तक सीमित: शिक्षा मंत्री के मुताबिक, पिछली AAP सरकार के समय कुछ पाठ्यपुस्तकों की कीमत 110 रुपये और 133 रुपये तक थी. जबकि मौजूदा सरकार ने किताबों की अधिकतम कीमत 51 रुपये तक सीमित रखी है.

अलगअलग कक्षाओं की किताबों की कीमतों में कमी

  • कक्षा 8: पिछली सरकार के समय किताब की अधिकतम कीमत 110 रुपये थी. मौजूदा खरीद में यह कीमत 50.38 रुपये तक है. मंत्री के दावे के मुताबिक, इसमें करीब 54 फीसदी की कमी आई है.
  • कक्षा 7: पिछली सरकार के समय अधिकतम कीमत 103 रुपये थी, जबकि मौजूदा कीमत 75.88 रुपये तक है.
  • कक्षा 6: पिछली सरकार के समय अधिकतम कीमत 133 रुपये थी, जबकि मौजूदा कीमत 57.76 रुपये तक है.

आशीष सूद ने कहा कि AAP के नेता हूट एंड शूट की राजनीति करते हैं. पहले झूठ बोलो, फिर 40 फीसदी कमीशन जैसे आरोप लगाओ और उसके बाद भाग जाओ. इन्हें एक किताब की कीमत तक पता नहीं है, लेकिन ये घोटाले का आरोप लगा रहे हैं. असलियत यह है कि AAP के शासनकाल में 60 फीसदी कमीशन का कारोबार होता था.

जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने पूरे मामले की डिटेल में जांच शुरू कर दी है. उन्होंने चेतावनी दी कि जांच पूरी होने के बाद जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने और लोगों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. आशीष सूद ने 17 अगस्त 2023 और 6 सितंबर 2023 को तत्कालीन शिक्षा सचिव की ओर से लिखे गए आधिकारिक पत्र भी जारी किए. उनके मुताबिक, इन पत्रों में पिछली AAP सरकार के समय सप्लाई की गई पाठ्यपुस्तकों की छपाई और क्वालिटी में कमियों का जिक्र किया गया था.

उन्होंने कहा कि AAP सरकार के अपने शिक्षा सचिव साल 2023 में ही किताबों की खराब छपाई पर सवाल उठा रहे थे. उस समय इसी साइज की किताबों की छपाई 55 रुपये में कराई गई थी, जबकि हमारी सरकार में किताबों की खरीद 28.61 रुपये में पारदर्शी तरीके से की जा रही है. किताबों को तय क्वालिटी टेस्ट से गुजरने के बाद खरीदा जा रहा है.

AAP सरकार के समय के कथित घोटालों को भी उजागर करने का ऐलान

शिक्षा मंत्री ने कहा कि AAP के नेता अपने पिछले कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार की वजह से हर जगह घोटाला देखते हैं. उन्होंने ऐलान किया कि पिछली सरकार के समय से जुड़े कई बड़े मामलों को तथ्यों और सबूतों के साथ सिलसिलेवार तरीके से जनता के सामने लाया जाएगा.

उन्होंने जिन मामलों को उजागर करने की बात कही, उनमें शामिल हैं

  1. 5,400 करोड़ रुपये का कथित क्लासरूम घोटाला.
  2. 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का कथित CCTV घोटाला.
  3. 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का कथित EWS दाखिला घोटाला.
  4. 1,000 करोड़ रुपये की कथित कोविड धोखाधड़ी.
  5. AAP का कथित कैशफॉरक्वेरी मामला, जिसमें विधानसभा में खास सवाल पूछने के बदले पैसे लेने के आरोप शामिल हैं.

आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में एक कहावत प्रचलित है पापी जाने पाप, जैसा हूं मैं आप. जो लोग दस साल तक घोटाले करते रहे, उन्हें हर जगह घोटाला ही दिखाई देता है.

फिल्मी गाने से भी AAP के आरोपों का जवाब दिया

प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में शिक्षा मंत्री ने AAP के आरोपों का जवाब देने के लिए साल 1971 में आई फिल्म नया जमाना का गाना चोरों को सारे नजर आते हैं चोर भी स्क्रीन पर चलाया. इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया है. उन्होंने कहा कि यह गाना ही उनका पूरा जवाब है. किताबों को दिए गए स्केल से मापिए, वर्क ऑर्डर में दर्ज कीमतों की जांच कीजिए और उनके अपने शिक्षा सचिव के पत्र देखिए. सभी तथ्य पारदर्शिता के साथ आपके सामने हैं.