इंटरनेट पर आपके द्वारा की जाने वाली हर गतिविधि जैसे ईमेल भेजना, सोशल मीडिया पर पोस्ट या लाइक करना, फोटो अपलोड करना और सर्च हिस्ट्री, डिजिटल दुनिया में आपका एक रिकॉर्ड तैयार करती है। इसे ही डिजिटल फुटप्रिंट कहते हैं।
बरसों पहले फेसबुक पर डाली गई कोई फोटो या किसी पुरानी वेबसाइट पर बनाया गया शॉपिंग अकाउंट, जिसका इस्तेमाल आप अब नहीं करते, वह सब आपके डिजिटल फुटप्रिंट का हिस्सा बन चुका है। आज की दुनिया में आपकी डिजिटल पहचान भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी समाज में आपकी साख। साइबर अपराधी इसी बेतरतीब डिजिटल रिकॉर्ड का फायदा उठाकर आपको अपना निशाना बनाते हैं।
डिजिटल फुटप्रिंट क्यों है महत्वपूर्ण?

एक्टिव डिजिटल फुटप्रिंट: वह जानकारी जो आप खुद इंटरनेट पर शेयर करते हैं, जैसे सोशल मीडिया पोस्ट, फोटो या ब्लॉग।
पैसिव डिजिटल फुटप्रिंट: वह डेटा जो आपकी गतिविधियों से अपने आप इकट्ठा होता है, जैसे ब्राउजिंग हिस्ट्री, लोकेशन और वेबसाइट कुकीज।
इंटरनेट की याददाश्त बहुत तेज होती है। यहां डिलीट किया गया कंटेंट भी स्क्रीनशॉट या आर्काइव के रूप में सुरक्षित रह सकता है।
डिजिटल साख को संभालना क्यों जरूरी है?
निजता की सुरक्षा: कंपनियां आपके व्यवहार को समझने और विज्ञापन दिखाने के लिए आपका पर्सनल डेटा इकट्ठा करती हैं, जिससे डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
नौकरी के अवसर: आज के समय में कंपनियां नौकरी देने से पहले उम्मीदवारों को इंटरनेट पर सर्च करती हैं। पुराना या आपत्तिजनक कमेंट आपकी छवि खराब कर सकता है।
साइबर अपराध से बचाव: इंटरनेट पर आपकी निजी जानकारी होने से स्कैमर्स के लिए आपको ठगना आसान हो जाता है।
डिजिटल सुरक्षा को कहां है खतरा?
आज के समय में हमारी डिजिटल सुरक्षा को कई तरह के गंभीर खतरे हैं। सबसे बड़ा जोखिम उन पब्लिक प्रोफाइल से होता है, जिन पर हमारी पुरानी और निजी जानकारियां मौजूद रहती हैं। इसके अलावा, जिन सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग अकाउंट का हम अब इस्तेमाल नहीं करते हैं, वे भी हैकर्स के लिए एक आसान रास्ता बन जाते हैं। कमजोर पासवर्ड रखना या अलगअलग अकाउंट के लिए एक ही जैसे पासवर्ड का उपयोग करना इस खतरे को और ज्यादा बढ़ा देता है। साथ ही, कई ऐसे मोबाइल ऐप्स भी सुरक्षा में सेंध लगाते हैं जो बिना किसी जरूरत के हमारे फोन के कैमरा, गैलरी या लोकेशन जैसी जरूरी फीचर्स की परमिशन मांगते हैं। इन सब के बीच, अगर किसी सर्च इंजन पर आपका पर्सनल फोन नंबर या घर का पता दिखाई दे रहा है, तो यह आपकी प्राइवेसी और सुरक्षा दोनों के लिए एक बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
कैसे करें अपने डिजिटल फुटप्रिंट की सफाई?
इनबॉक्स को व्यवस्थित करें: अपने ईमेल इनबॉक्स को साइज के हिसाब से फिल्टर करें ताकि बड़ी फाइल वाले बेकार मैसेज सबसे ऊपर आ जाएं और आप उन्हें आसानी से डिलीट कर सकें। जिन न्यूजलेटर्स या प्रमोशनल मेल को आप नहीं पढ़ते, उन्हें तुरंत अनसब्सक्राइब करें।
ऐप्स और सॉफ्टवेयर अपडेट रखें: अपने फोन और कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम के साथसाथ सभी ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें। पुराने ऐप्स को डिलीट करने से पहले उनके अंदर बने अपने अकाउंट को भी पूरी तरह डिलीट कर दें, ताकि आपका डेटा सुरक्षित रहे।
सोशल मीडिया पर सतर्कता बरतें: फेसबुक, इंस्टाग्राम और लिंक्डइन जैसे प्लेटफॉर्म्स की प्राइवेसी सेटिंग्स को समयसमय पर चेक करें। यह जरूर देखें कि आपकी कौन सी जानकारी पब्लिक है। जिन पुरानी पोस्ट में आपको टैग किया गया है और वे ठीक नहीं हैं, तो खुद को वहां से अनटैग कर लें।
थर्ड पार्टी ऐप्स की पहुंच रोकें: अक्सर हम गूगल या फेसबुक अकाउंट के जरिए किसी भी ऐप में लॉगइन कर लेते हैं। अपने गूगल अकाउंट की सेटिंग्स में जाकर थर्ड पार्टी ऐप्स एंड सर्विसेज सेक्शन को चेक करें और फालतू ऐप्स का एक्सेस हटा दें।
पासकीज का इस्तेमाल करें: पारंपरिक पासवर्ड की जगह अब पासकीज का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है। इसे फिंगरप्रिंट, फेस स्कैन या पिन के जरिए खोला जाता है, जिससे एआई आधारित साइबर हमलों और हैकिंग का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके अलावा, बेहतर डिजिटल सुरक्षा के लिए आप मैकएफी जैसी कंपनियों के अकाउंट क्लीनअप टूल्स की मदद भी ले सकते हैं।



