उत्तराखंड के केदारताल में लापता आठ ट्रेकरों और स्थानीय गाइड की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. इस ऑपरेशन की मॉनिटरिंग खुद जिलाधिकारी कर रहे हैं. बुधवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने खुद स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर वहां से रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को रेस्क्यू टीमों के साथ समन्वय बनाकर हरेक गतिविधि पर नजर रखने को कहा. उन्होंने बताया कि आज दो और शव मिले हैं. इसी के साथ अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है.

अधिकारियों के मुताबिक इलाका दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र का है. यहां ग्लेशियर, बर्फबारी और विषम मौसम के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी चुनौतियां सामने आ रही हैं. बावजूद इसके, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, निम, आपदा, वन, राजस्व, पुलिस सहित अन्य रेस्क्यू टीमें लगातार सर्च अभियान में जुटी हैं. अधिकारियों के मुताबिक अभी भी 4 लोगों की तलाश है.

पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

पुलिस ने अब तक बरामद सभी चार शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए उत्तरकाशी के जिला अस्पताल भेज दिया है. इसी के साथ प्रशासन और रेस्क्यू टीमें बाकी चार लोगों की तलाश में पूरी ताकत झोंक दी है. अधिकारियों के मुताबिक केदारताल ट्रेक पर मंगलवार को 8 ट्रैकर्स लापता हो गए थे. इनमें स्थानीय गाइड भी शामिल हैं. इनमें से 2 लोगों के शव करीब ढाई सौ मीटर गहरी घाटी में बर्फ से दबे मिले हैं.

हेलीकाप्टर से चल रहा सर्च ऑपरेशन

रेस्क्यू टीमों ने गहरी खाइयों से लेकर पहाड़ों तक में सर्च के लिए हेलीकॉप्टर भी उतार दिया है. बुधवार की सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से ही दो शवों की बरामदगी हुई. हालांकि अभी तक शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है. बताया जा रहा है कि सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी की ओर से 12 सदस्यीय दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से 26 किमी लंबे केदारताल ट्रेक पर रवाना हुआ था. इनमें 1 गाइड, 7 ट्रेकर और 4 सपोर्ट स्टाफ के लोग शामिल थे.