तेलंगाना सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. राज्य में कच्चे अंडे से तैयार होने वाले मेयोनीज के उत्पादन, बिक्री और भंडारण पर एक साल के लिए पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

पिछले कुछ समय में होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड सेंटर और स्ट्रीट फूड स्टॉल पर कच्चे अंडे से तैयार मेयोनीज खाने के बाद कई लोगों के बीमार होने के मामले सामने आए हैं. इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस उत्पाद से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए यह कदम उठाया है.
मेयोनीज से फूड पॉइजनिंग का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक, कच्चे अंडों में साल्मोनेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पनपने की आशंका रहती है. इन बैक्टीरिया से दूषित मेयोनीज खाने पर लोगों को फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ मामलों में संक्रमण गंभीर रूप भी ले सकता है.
होटल और फास्ट फूड सेंटर में कच्चे अंडे से बने मेयोनीज का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. सैंडविच, बर्गर, शावरमा और दूसरी फास्ट फूड डिश में इसका इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में इसके सेवन से लोगों की सेहत को होने वाले खतरे को देखते हुए सरकार ने प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है. अधिकारियों का कहना है कि लोगों की जान और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह जरूरी कदम उठाया गया है.
नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द, भारी जुर्माना
सरकार के आदेश के अनुसार, तेलंगाना में कच्चे अंडे से बनने वाले मेयोनीज का उत्पादन, भंडारण और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. यह नियम राज्य के सभी जिलों में लागू होगा. प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले होटल संचालकों, रेस्टोरेंट मालिकों और खाद्य कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
अधिकारियों ने साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जा सकते हैं. इसके अलावा संबंधित कारोबारियों के लाइसेंस रद्द करने और भारी जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है. खाद्य सुरक्षा विभाग इस मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा.
खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट और फूड वेंडर्स को मेयोनीज के सुरक्षित विकल्प इस्तेमाल करने की सलाह दी है. कारोबारियों को कच्चे अंडे से बने मेयोनीज की जगह वेज मेयोनीज या पाश्चरीकृत अंडों से तैयार उत्पादों का इस्तेमाल करने को कहा गया है.
इसके साथ ही राज्यभर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड सेंटर और स्ट्रीट फूड स्टॉल पर जाकर जांच करेंगे. इस दौरान मेयोनीज के उत्पादन, भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. अधिकारियों ने कारोबारियों को नए आदेशों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है.



