कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है। अब चिट्टे का धंधा करने वालों की काली कमाई पर भी सीधा वार किया जा रहा है। इसी कड़ी में कांगड़ा पुलिस ने बैजनाथ क्षेत्र के एक चर्चित ड्रग्स मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए मां और उसके दो बेटों की करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
घर से मिली थी चिट्टे की बड़ी खेप, फिर खुलने लगे राज
दरअसल कुछ समय पहले पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रिंस राणा और उसके साथियों को भारी मात्रा में चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच में मामला केवल नशा तस्करी तक सीमित लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस गहराई में पहुंची वैसे-वैसे पूरे परिवार की भूमिका सामने आने लगी।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी की मां और भाई भी इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया और मामले की आर्थिक जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आई करोड़ों की काली कमाई
पुलिस की वित्तीय जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों के नाम पर आलीशान मकान, महंगी गाड़ियां, बैंक खातों में लाखों रुपये, एफडी, बीमा पॉलिसियां और सोने-चांदी के गहने मिले। पुलिस को शक है कि यह पूरी संपत्ति नशे के कारोबार से कमाए गए पैसों से बनाई गई थी।
इसी आधार पर पुलिस ने करीब 96 लाख 77 हजार रुपये की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की, जिसे बाद में सक्षम प्राधिकारी से भी मंजूरी मिल गई।
मकान, गाड़ियां, बैंक खाते… सब पर लगा ताला
पुलिस कार्रवाई के तहत आरोपियों का रिहायशी मकान, कई वाहन, बैंक खाते, एफडी और कीमती गहने फ्रीज कर दिए गए हैं। अब आरोपी इन संपत्तियों को बेच नहीं सकेंगे और ना ही किसी तरह का लेन-देन कर पाएंगे।
नशा माफिया को सीधा संदेश
कांगड़ा पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों को पकड़ना ही काफी नहीं है, बल्कि उनकी आर्थिक ताकत तोड़ना भी बेहद जरूरी है। यही वजह है कि अब अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने साफ कहा है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस धंधे से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।