विवाद बढ़ने पर रात के समय जब मस्त राम बरामदे में सो रहे थे, तभी उनके बड़े बेटे दीपक के सिर पर खून सवार हो गया। उसने पास रखे तेजधार हथियार से अपने पिता के सिर पर जानलेवा वार कर दिया।