मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया और इसके तहत नाम हटाए जाने को लेकर पूरा विपक्ष चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर हमलावर है. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है. इस बीच ऑल इंडिया मजलिसएइत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की है.

जानकारी के मुताबिक ओवैसी ने SIR के तरीके को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. ओवैसी के वकील निजामुद्दीन पाशा ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह मामला उठाया और अनुरोध किया कि इसे कल सुनवाई के लिए तय इसी तरह के मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाए.

वकील निजामुद्दीन पाशा ने क्या कहा

वकील निजामुद्दीन पाशा ने कहा कि यह SIR के कामकाज के तरीके से जुड़ी एक रिट याचिका है. कुछ ऐसे ही मामले कल भी आ रहे हैं. मैं चाहता हूं कि इसे भी कल ही उनके साथ सूचीबद्ध किया जाए. CJI सूर्यकांत ने पूछा कि कल भी वही मामला? तो हम पता लगा लेंगे कि कौन सा है. आपने जरूर बताया होगा कि कौन से मामले एक जैसे हैं. वकील पाशा ने कहा कि मैंने मेमो में उनका ज़िक्र किया है. CJI ने कहा कि हम देखेंगे कि क्या किया जा सकता है.

CJI ने दिया जल्द सुनवाई का भरोसा

सुप्रीम कोर्ट ने ओवैसी की याचिका पर जल्द सुनवाई का भरोसा दिया है. CJI सूर्यकांत ने कहा कि वो इसकी जांच करेंगे और इसे मिलतेजुलते मामलों के साथ सूचीबद्ध करेंगे.

अन्य विपक्षी नेताओं ने भी दी चुनौती

ओवैसी उन अन्य विपक्षी नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हैं, जिन्होंने SIR और इसके तहत मतदाता सूची से नाम हटाने को चुनौती दी है.ओवैसी का कहना है कि SIR के जरिए पिछले दरवाजे से एनआरसी लागू करने की कोशिश की जा रही है और यह गरीबों एवं मतदाताओं के अधिकारों के खिलाफ है.