
मुस्कान-साहिल का रिश्ता हुआ कबूल? जेल में मिलने आ रहा परिवार, दोनों को फांसी से बचाने के लिए किया एक वकीलमुस्कान रस्तोगी को क्या साहिल शुक्ला के परिवार ने बहू मान लिया है? क्या मुस्कान की बेटी को साहिल का परिवार अपनाएगा? यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि साहिल का परिवार दोनों से मिलने जेल आ रह है और हाईकोर्ट में दोनों की पैरवी भी एक ही वकील कर रहा है.
सौरभ राजपूत मर्डर केस में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई गई है. Credit- Social Media
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सौरभ राजपूत मर्डर केस में सजायाफ्ता साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी को लेकर अपडेट आया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी को साहिल शुक्ला के परिवार ने बहू मान लिया है. क्योंकि साहिल के परिवार वाले उनसे मिलने के लिए जेल आ रहे हैं. साहिल का छोटा भाई दिव्यांश शुक्ला, नानी और उसके चाचा दोनों से मिलने जेल आ रहे हैं, जबकि 18 महीने से मुस्कान से मिलने उसके परिजन नहीं आए, लेकिन साहिल के परिजन लगातार आ रहे हैं और दोनों से मिलकर जाते हैं. इसलिए कहा जा रहा है कि मुस्कान और उसकी बेटी के साहिल के परिजनों ने स्वीकार कर लिया है.
A new twist has emerged in the Saurabh Rajput murder case in Meerut, known as the ‘Blue Drum Case.’ Muskan Rastogi and Sahil Shukla, who were sentenced to death in the murder case, have challenged the Meerut District Court’s decision in the Allahabad High Court. This case has attracted widespread attention because the blue drum was a crucial piece of evidence. Both convicts have jointly filed an appeal against their conviction and death sentence, seeking to overturn the verdict. The hearing of this case is likely to be conducted by a division bench of the Allahabad High Court next week. The #Meerut District and Sessions Court had convicted both accused on September 30, 2026. Subsequently, on October 14, 2026, the court, describing the murder as falling under the ‘rarest of rare’ category, sentenced them to death. https://t.co/UkSmMmrpCo — Siraj Noorani (@sirajnoorani) October 25, 2026
विज्ञापन
हाईकोर्ट में पैरवी के लिए दोनों का वकील एक
मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मेरठ जिला कोर्ट ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई है. इस सजा के खिलाफ दोनों ने गत 23 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, लेकिन खास बात यह है कि दोनों का वकील एक ही है. साहिल के परिवार की ओर से याचिका दायर की गई है, जिसके लिए वकील सुशील शुक्ला को हायर किया गया है. याचिका में साहिल और मुस्तान दोनों का नाम लिखा है. मुस्कान ने पहले जेल प्रशासन से वकील उपलब्ध कराने की मांग की थी, इसलिए उसे सरकारी वकील देने की तैयारी चल रही थी. लेकिन अब उसने सरकारी वकील लेने से इनकार किया है.
विज्ञापन
मुस्कान से उसके परिजनों ने बना रखी है दूरी
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सरकारी वकील लेने से इनकार करने की वजह पूछने पर मुस्कान ने बताया कि साहिल के वकील ही हाईकोर्ट में उसका केस भी लड़ेंगे. साहिल के परिवार ने वकील को हायर किया है. यह जानने के बाद सवाल उठा है कि क्या मुस्कान को साहिल के परिवार ने स्वीकार कर लिया है. हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस बार जब साहिल के परिजन आएंगे तो उनसे सवाल पूछ जाएगा. मुस्कान के परिवार ने उससे अभी तक दूरी बनाई हुई है और न उनका फोन आता है, न वे मिलने आते हैं. इसलिए सेशन कोर्ट के लिए मुस्कान के सरकारी वकील रेखा जैन उपलब्ध कराई गई थीं.
Police recovered body of Saurabh Rajput in Meerut which was dumped in a drum with cement! (Video) by wife Muskan Rastogi & Sahil Shukla! Pic2: Muskan with husband Saurabh Pic3: Muskan with boyfriend Sahil! #MuskanRastogi #saurabhrastogi #SahilShukla #MeerutCrime #MerchantNavyOfficer #london — North East West South (@prawasitv) March 21, 2025
मुस्कान की बेटी के भविष्य पर उठ रहे सवाल
बता दें कि फांसी की सजा होने के बाद मुस्कान रस्तोगी की बेटी के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मुस्कान की बड़ी बेटी को ननिहाल में है, लेकिन छोटी बेटी को न मुस्कान और न ही सौरभ के परिजन अपनाने को तैयार हैं. वह अभी मुस्कान के साथ जेल में ही है और 6 साल की होने तक कानून के अनुसार जेल में ही रहेगी, लेकिन उसके बाद क्या होगा? यह मुस्कान का ही फैसला होगा कि वह बेटी को किसे सौंपना चाहती है. क्या साहिल के परिजन मुस्कान की बेटी को अपनाएंगे? अगर वे अपनाना चाहते हैं तो उन्हें आवेदन पत्र देना होगा, जिसके जवाब में मुस्कान बताएगी कि वह उन्हें अपनी बेटी सौंपना चाहती है या नहीं?



