बिलासपुर/कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर हुए एक भीषण सड़क हादसे ने हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया। समानी गांव के पास एक अज्ञात वाहन ने हिमाचल के टैक्सी चालक को इतनी बुरी तरह कुचल दिया कि मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मृतक का चेहरा और शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। शुरुआत में उसकी पहचान तक नहीं हो पा रही थी। आखिरकार शव के पास मिले दस्तावेजों और परिजनों द्वारा कपड़ों के आधार पर की गई पहचान से पता चला कि मृतक बिलासपुर जिले के भाखड़ा गांव का रहने वाला 40 वर्षीय राकेश चंदेल था।

हादसा इतना भयानक कि पहचानना भी मुश्किल

जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर की सुबह कुरुक्षेत्र में समानी पुल से पहले NH-44 पर एक व्यक्ति का शव सड़क पर पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली। सदर थानेसर पुलिस और इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल की टीम मौके पर पहुंची तो व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे और हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना आसान नहीं था। पुलिस ने आसपास जांच की तो शव के पास एक पर्स मिला। उसमें आधार कार्ड, बैंक कार्ड और अन्य दस्तावेज रखे हुए थे। इन्हीं कागजात के सहारे पुलिस मृतक तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई।

 

कपड़ों से परिजनों ने पहचाना

पर्स में मिले आधार कार्ड पर राकेश चंदेल का नाम और महाराष्ट्र का पता दर्ज था। दस्तावेजों में मिले मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। उधर, राकेश के घर से निकलने के बाद परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। हादसे की जानकारी मिलने पर उसके चाचा भूपिंद्र सिंह परिवार के साथ कुरुक्षेत्र पहुंचे। शव की हालत ऐसी थी कि चेहरा देखकर पहचान करना संभव नहीं था। ऐसे में परिजनों ने पुलिस के पास मौजूद दस्तावेजों और शव पर बचे कपड़ों को देखकर उसकी पहचान अपने भतीजे राकेश के रूप में की। जिस परिवार को राकेश के लौटने का इंतजार था, उसे उसकी मौत की खबर ने तोड़कर रख दिया।

 

आधार कार्ड में पता बदलवाने महाराष्ट्र जा रहा था राकेश

परिजनों के मुताबिक, राकेश पहले अपने परिवार के साथ महाराष्ट्र में रहता था। करीब दो साल पहले वह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के भाखड़ा स्थित अपने गांव लौट आया था। यहां वह टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। अब वह किसी काम से महाराष्ट्र जाने के लिए निकला था। बताया गया कि उसे आधार कार्ड में अपना पता बदलवाना था, इसी सिलसिले में वह महाराष्ट्र जा रहा था। लेकिन रास्ते में कुरुक्षेत्र के पास हुए हादसे ने उसकी जिंदगी ही छीन ली।

 

यह भी पढ़ें: 

दो मासूम बेटों के सिर से उठा पिता का साया

राकेश अपने पीछे पत्नी मोनू कुमारी, दो छोटे बेटों और बीमार मां को छोड़ गया है। उसका बड़ा बेटा कार्तिक 11 साल का है और छठी कक्षा में पढ़ता है, जबकि छोटा बेटा इशांत महज 6 साल का है और चौथी कक्षा में पढ़ रहा है। जिस उम्र में बच्चों को पिता के साथ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में दोनों के सिर से पिता का साया उठ गया। वहीं, बीमार मां ने अपना बेटा खो दिया और पत्नी के सामने अब परिवार की जिम्मेदारियों का बड़ा पहाड़ खड़ा हो गया है। इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन ली हैं।

 

अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस, पुलिस कर रही तलाश

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल के शवगृह में रखवाया था। परिजनों के पहुंचने और पहचान की पुष्टि होने के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव उन्हें सौंप दिया गया। सदर थानेसर थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस हादसे में शामिल वाहन और उसके चालक की पहचान करने के लिए जांच कर रही है। अब परिवार को इंसाफ मिलने और हादसे के जिम्मेदार चालक के पकड़े जाने का इंतजार है।