शिमला। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे और नशे के अवैध कारोबार के बढ़ते मामलों के बीच लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नशा तस्करों को लेकर कड़ा रुख जाहिर किया है। शिमला पुलिस की ओर से शोगी में 257 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि नशे की यह खेप ननखड़ी क्षेत्र में पहुंचाई जानी थी। इसी मुद्दे पर रामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने ननखड़ी और आसपास के इलाकों में सक्रिय नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

तस्करों की पैरवी करने आया तो उसे भी पुलिस के हवाले करूंगा
विक्रमादित्य सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि ननखड़ी क्षेत्र में बड़े स्तर पर नशे का कारोबार करने वाले लोग सक्रिय हैं और ऐसे कई लोगों की पहचान की जा चुकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और एक-एक करके ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अपने बयान में यहां तक कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशा कारोबारियों को बचाने या उनकी सिफारिश करने के लिए उनके पास पहुंचा तो वह उसे स्वयं पकड़कर पुलिस के हवाले कर देंगे। उनका कहना था कि नशे के अवैध धंधे को किसी भी तरह का राजनीतिक या सामाजिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
नशा तस्करों के नाम तक जानता हूं
मंत्री ने चिंता जताई कि नशे का कारोबार अब केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें युवाओं की संलिप्तता भी सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि कुछ महिलाओं के इस अवैध गतिविधि में शामिल होने की जानकारी भी उनके संज्ञान में आई है। विक्रमादित्य सिंह ने दावा किया कि ऐसे युवाओं और महिलाओं के नाम तक उन्हें पता हैं, लेकिन वह सार्वजनिक मंच से किसी का नाम लेना उचित नहीं समझते। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचना जरूरी है।
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ननखड़ी से किन्नौर और आनी तक सप्लाई
विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, ननखड़ी क्षेत्र से किन्नौर, आनी, रामपुर और आसपास के इलाकों तक नशे की सप्लाई होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि नशे का कारोबार समाज को अंदर से कमजोर कर रहा है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि युवा पीढ़ी भी इस अवैध धंधे की चपेट में आ रही है। मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे चंद पैसों के लालच में अपनी जिंदगी और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य दांव पर न लगाएं।
नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ जागरूकता भी जरूरी
मंत्री ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी भी जरूरी है। परिवारों, पंचायतों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहना होगा, ताकि नशे की सप्लाई और युवाओं को इसकी गिरफ्त में लेने वाले नेटवर्क पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा कारोबार में शामिल लोगों को किसी भी स्तर पर संरक्षण देने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रामपुर में बसों की कमी दूर करने का मुद्दा भी उठा
कार्यक्रम के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं की कमी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बसों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ बसों के कलपुर्जों और टायरों की जरूरत को पूरा करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके, इसके लिए उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से बातचीत की जाएगी।
डंसा पंचायत में ग्रामीणों से मिले मंत्री
इससे पहले लोक निर्माण मंत्री ने रामपुर की ग्राम पंचायत डंसा का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने सड़क किनारे क्रैश बैरियर लगाने और क्षेत्र में बेहतर बसें उपलब्ध करवाने की मांग प्रमुखता से उठाई। मंत्री ने ग्रामीणों को उनकी मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कदम उठाए जाएंगे।



