न्यूबॉर्न बेबी का स्वागत सिर्फ खुशियों के साथ नहीं होता है, बल्कि साथ ही आती है एक बड़ी जिम्मेदारी. रात में जागने से लेकर गीले बिस्तर पर सोने तक कई नए और खट्टेमीठे एक्सपीरियंस होते हैं, लेकिन पेरेंट्स हमेशा ये कोशिश करते हैं कि वो अपने बच्चे के लिए सब कुछ बेस्ट करें. नवजात के लिए कपड़े खरीदना भी कोई आसान काम नहीं है कि बस डिजाइन देखकर आउटफिट की खरीदारी कर ली जाए. इसमें कुछ छोटीछोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है. कुछ ऐसी कॉमन गलतियां हैं जो ज्यादातर पेरेंट्स नवजात शिशु के कपड़े खरीदते वक्त करते हैं.

बच्चे के कपड़े खरीदना भले ही आसान कम लगता है, क्योंकि वो अभी डिमांडिंग नहीं है, लेकिन इसके बावजूद ये एक पेचीदा काम होता है. आपके अपने न्यूबॉर्न की सेफ्टी से लेकर उसके कंफर्ट और त्वचा की हेल्थ का भी ध्यान रखना होता है. तो चलिए जान लेते हैं कि बच्चे के कपड़े खरीदने के दौरान कौन सी गलती न करें और क्याक्या ध्यान में रखें.
100% कॉटन नहीं, ऑर्गेनिक भी…
जब हम बच्चे के कपड़े खरीदते हैं तो ये देखते हैं कि वो आरामदायक फैब्रिक का हो, क्योंकि बच्चे की त्वचा बहुत नाजुक होती है और जरा सी रगड़ से भी रैशेज हो सकते हैं. पेरेंट्स ये तो देख लेते हैं कि कपड़ा 100% कॉटन है या नहीं, लेकिन ऑर्गेनिक है या नहीं ये देखना भूल जाते हैं. इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. सारे सूती कपड़े एक जैसे नहीं होते हैं. कुछ पर कीटनाशकों से लेकर ब्लीच और केमिकल वाले कलर्स का यूज किया गया होता है जो धुलाई के बाद भी कपड़ों पर लगा रह सकता है. इससे न सिर्फ त्वचा को बल्कि बच्चे की सेहत को भी नुकसान हो सकता है. बच्चे को या तो ऐसे कपड़े पहनाएं जिस पर कोई रंग न किया गया हो या फिर नेचुरली रंगे गए कपड़े खरीदें. इसके लिए GOTS सर्टिफिकेशन चेक करना चाहिए.
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कपड़े का अंदरूनी हिस्सा
बच्चे के कपड़े खरीदने के दौरान बाहरी सुंदरता या फैब्रिक तो देख लिया जाता है, लेकिन अंदर की छोटीछोटी डिटेलिंग पर कम ही लोग ध्यान देते हैं. आप भी ये गलती बिल्कुल न करें. बाहर से देखने के साथ ही कपड़े के अंदर ये चेक करें कि बुनाई, टैग या अस्तर ऐसा तो नहीं लगा है जो बच्चे को रैश करे या उसे डिस्कंफर्ट हो. खुले किनारे से लेकर जिपर, बटन, से लेकर हर एक डिटेलिंग को अच्छी तरह से चेक करें.
लूज फिट पर दें गौर
हममे से ज्यादातर लोग बच्चे के साइज के हिसाब से कपड़े खरीदते हैं, लेकिन असल में हमें लूज फिट पर ध्यान देना चाहिए जो आज के टाइम में genz के बीच पॉपुलर है. इसका मतलब है कि आप बच्चे के लिए हल्के लूज कपड़े खरीदें, क्योंकि वो इस वक्त तेजी से ग्रो करता है. ऐसे में बहुत जल्दी कपड़े छोटे हो सकते हैं और जब आप इसे बेबी को पहनाते हैं तो उसे हाथपैरों के मूवमेंट करने में दिक्कत हो सकती है. खासतौर पर गले को चेक करें कि वो सिर से ठीक से आएगा या फिर नहीं. कपड़ा बिल्कुल फिट तो नहीं रहेगा, क्योंकि इससे रगड़ लग सकती है. ऐसे कपड़े होने चाहिए जिनकी फिटिंग लचीली हो और हल्का खिंचाव रहे.
ट्रेंडी नहीं कंफर्ट चुनें
आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का ट्रेंड है तो एक से बढ़कर एक बेबी आउटफिट होते हैं और पेरेंट्स इसे खरीद लेते हैं, लेकिन ऐसे कपड़ों पर स्लोगन लिखे होते हैं या फिर ग्राफिक प्रिंट्स दिए होते हैं जिसमें खुरदुरापन हो सकता है. इससे बच्चे की त्वचा इरिटेट हो सकती है और वो चिड़चिड़े हो सकते हैं. भारत के मौसम के हिसाब से ओल्ड स्टाइल घर में सिले जाने वाले कपड़ों के डिजाइन बेस्ट रहते हैं जैसे झबला, अंगरखा कुर्ता जो सामने से खुल जाए. किल्टेड बॉडी सूट.



