हिमाचल की जनता को दिल्ली ले जाना चाहते हैं CM सुक्खू! महारैली के लिए किया आह्वान; बताई वजह

सीएम सुक्खू बोले, लोकतंत्र बचाने को दिल्ली महारैली में पहुंचे जनता

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अब प्रदेश की जनता को दिल्ली ले जाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसके लिए उन्होंने हिमाचलवासियों से खास अपील की है कि वे 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को केवल राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान बताया है। 

सीएम सुक्खू ने वीडियो संदेश जारी कर प्रदेशवासियों से दिल्ली चलने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है और अब समय है कि लोग अपने वोट की ताकत को समझते हुए उसकी सुरक्षा के लिए आवाज बुलंद करें।

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संदेश में कहा कि वोट केवल मतदान करने का अधिकार नहीं है, बल्कि यह आम आदमी की आवाज, उसकी ताकत और देश के भविष्य का आधार है। इसी अधिकार के माध्यम से जनता अपनी पसंद की सरकार चुनती है। ऐसे में मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने हिमाचल के लोगों से इस मुहिम में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया है।

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दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च एवं महारैली का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राहुल गांधी के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वोट चोरी जैसे गंभीर मुद्दों पर देशभर में चर्चा और विचारविमर्श होना जरूरी है। उन्होंने इसे राष्ट्रहित और लोकतंत्र की मजबूती से जुड़ा विषय बताते हुए लोगों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील की है।

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मुख्यमंत्री की अपील के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन भी महारैली को सफल बनाने के लिए सक्रिय हो गया है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस कार्यक्रम में प्रदेश से 15 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पार्टी के पदाधिकारियों, जिला और ब्लॉक अध्यक्षों तथा विधायकों को ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव विनोद जिंटा के अनुसार, हिमाचल प्रदेश से करीब 200 बसों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की योजना बनाई गई है। कांग्रेस संगठन का प्रयास है कि प्रदेश के सभी जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता महारैली में हिस्सा लें। इसके लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

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मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे लोकतंत्र की मजबूती और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान के लिए आगे आएं। उनका कहना है कि मतदान की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कायम रहना बेहद जरूरी है। ऐसे में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली में हिमाचल की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होगी। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री की इस अपील पर प्रदेश की जनता कितनी संख्या में दिल्ली पहुंचती है और कांग्रेस का 15 हजार से अधिक लोगों को जुटाने का लक्ष्य कितना सफल हो पाता है।