हिमाचली खबर: Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक बेहद ही फिल्मी घटनाक्रम सामने आया है. यहां दो बच्चों के पिता ने पहली पत्नी को धोखे में रखकर गुपचुप तरीके से दूसरी शादी करने की कोशिश की. मगर दूल्हे की अपनी ही बेटी ने उसकी ये कोशिश नाकाम कर दी. बारात रवाना होने से कुछ समय पहले दूल्हे की मासूम बेटी ने सूझबूझ दिखाते हुए वधू पक्ष को फोन घुमा दिया. फिर रोते हुए अपने पिता की असलियत उजागर कर दी. बच्ची के शब्दों में कहा जो दूल्हा बनकर आपके यहां आ रहा है, वो मेरे पापा हैं. दो बच्चों के पिता हैं वो.

इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद दुल्हन के घर में शादी की खुशियां पल भर में मातम और हंगामे में बदल गईं. वधू पक्ष ने तुरंत शादी की रस्में रोक दीं और पूरा मामला पुलिस के पास पहुंच गया. धोखाधड़ी के इस मामले को बढ़ता देख सामाजिक संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में एक आपातकालीन पंचायत बुलाई गई. पंचायत ने आरोपी पिता की इस घोर अनैतिक और सामाजिक रूप से निंदनीय हरकत पर कड़ा रुख अपनाया है.
सूत्रों की मानें तो पंचायत ने दुल्हन पक्ष के मानसम्मान को ठेस पहुंचाने और शादी की तैयारियों में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए दूल्हे पर 5.20 लाख रुपये का भारीभरकम जुर्माना ठोक दिया गया है. जिससे दूसरी शादी के सपने देख रहे शख्स को न सिर्फ सामाजिक बदनामी झेलनी पड़ी बल्कि भारी आर्थिक चपत भी लगी है.
बेटी द्वारा निकाहनामे के पुख्ता सबूतों का खुलासा
ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के आने वाले एक गांव का है, जहां रामपुर के स्वार इलाके से एक बारात आनी तय हुई थी. वधू पक्ष के घर में विवाह पूर्व की रस्में हर्षोल्लास के साथ पूरी की जा रही थीं कि तभी अचानक दुल्हन के परिजनों के मोबाइल पर स्वार से एक अज्ञात बच्ची का फोन आया था. बच्ची ने रोते बिलखते हुए बताया कि जिस युवक से वे निकाह करने जा रहे हैं, वह कोई कुंवारा नहीं बल्कि दो बच्चों का पिता है. वह उत्तराखंड के हल्द्वानी में खराद मशीन का काम करता था और वहीं उसने उसकी मां से पहला निकाह कोर्ट मैरिज के जरिए किया था. बच्ची ने सिर्फ दावा ही नहीं किया, बल्कि वाट्सएप पर पहली शादी के कानूनी दस्तावेज और निकाहनामा भी भेजकर अपनी बात को पूरी तरह सच साबित कर दिया है.
पंचायत तक पहुंचा विवाद, अब दूल्हा चुकाएगा भारी जुर्माना
सुबह होते ही वधू पक्ष के लोग सबूतों के साथ ठाकुरद्वारा कोतवाली पहुंचे और पुलिस को लिखित तहरीर देकर इंसाफ की गुहार लगाई गई थी. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन दूल्हा पक्ष को थाने तलब कर लिया. कानूनी पचड़े और जेल जाने के डर से दोनों पक्षों की सहमति पर नगर पालिका परिसर में एक बड़ी पंचायत बुलाई गई. जब पंचायत के सामने बच्ची द्वारा भेजे गए दस्तावेजी साक्ष्य रखे गए तो दूल्हे की सारी हेकड़ी रफूचक्कर हो गई. वह हाथ जोड़कर रोने लगा.
सूत्रों का दावा है कि पंचायत ने लड़की पक्ष के खर्चों और मानसिक उत्पीड़न का आकलन कर पांच लाख रुपये हर्जाना और समाज में नजीर पेश करने के लिए बीस हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया है. दूल्हा पक्ष द्वारा लिखित समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद ही उन्हें वहां से जाने की अनुमति मिली है.



